‘आप’ पंजाब के मुख्य प्रवक्ता कुलदीप सिंह धालीवाल ने , रविवार को शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर तीखे हमले करते हुए उन पर गैंगस्टरों के जरिए खुलेआम अपनी राजनीति चलाने और पंजाब को एक खतरनाक व अस्वीकार्य चलन की ओर धकेलने का आरोप लगाया।
धालीवाल ने कहा कि तरनतारन उपचुनाव के दौरान, सुखबीर बादल ने न सिर्फ एक बदनाम गैंगस्टर के रिश्तेदार को टिकट दिया, बल्कि गैंगस्टर के आतंकी नेटवर्क के दम पर पूरा चुनाव लड़ा।
उन्होंने खुलासा किया कि गैंगस्टर ने सुखबीर के निर्देशों पर काम करते हुए, सरपंचों, प्रभावशाली गांव वासियों और यहां तक कि ‘आप’ उम्मीदवार को बार-बार धमकी भरे फोन किए, उन्हें अकाली दल को वोट देने या गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। इन धमकियों के संबंध में एफआईआर पहले ही दर्ज है।
धालीवाल ने कहा कि सुखबीर बादल की कार्रवाइयों ने पंजाब की राजनीतिक संस्कृति पर गहरे घाव दिए हैं। उन्होंने कहा कि चालीस से पचास गांवों में दहशत फैलाई गई। सरपंचों को धमकियां दी गईं। वोटरों को डराया गया। यह राजनीति नहीं है।
उन्होंने आगे कहा कि पंजाबियों, खासकर सिखों को इस चिंताजनक घटनाक्रम पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। धालीवाल ने कहा कि अकाली दल कभी पंथक मूल्यों का प्रतिनिधित्व करता था, लेकिन आज सुखबीर ने इसे गैंगस्टर-संचालित संगठन में बदल दिया है।
धालीवाल ने मांग की कि मुख्यमंत्री, सुखबीर बादल के गैंगस्टरों के साथ संबंधों, गैंगस्टर नेटवर्कों के राजनीतिक इस्तेमाल और तरनतारन चुनाव के दौरान की गई धमकी भरी कॉलों की गहराई से जांच करने के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन करें। उन्होंने कहा कि गैंगस्टरों को संरक्षण देने वाले और नागरिकों को धमकाने वाले नेताओं को सख्त कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा और उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए।
पंजाब की राजनीति पवित्र है, हम पंजाब को गैंगस्टरों के हवाले नहीं होने देंगे: धालीवाल
धालीवाल ने कहा कि डर के माहौल के बावजूद, तरनतारन के लोगों ने सुखबीर बादल के दहशत के मॉडल को खारिज कर दिया और ‘आप’ के उम्मीदवार को 12,000 वोटों के बड़े अंतर से चुना। यह जीत साबित करती है कि पंजाबी डर के आगे नहीं झुकते।
उन्होंने चेतावनी दी कि सुखबीर अब इस गैंगस्टर मॉडल को पूरे पंजाब में फैलाने की तैयारी कर रहे हैं, जिस कारण उच्च स्तरीय जांच और भी जरूरी हो गई है।
धालीवाल ने सरकार, मीडिया और नागरिकों से अपील की कि वे यह सुनिश्चित करें कि ऐसी खतरनाक प्रथाएं कभी भी पंजाब की राजनीति में दोबारा न आएं।
उन्होंने कहा कि पिछले अकाली शासन के दौरान पंजाब पहले ही ड्रग माफिया और गैंगस्टरों के कारण दुखी हो चुका है। हम सुखबीर बादल को नौजवानों को एक और अंधेरे युग में धकेलने नहीं देंगे।



