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कांग्रेस की सिख-विरोधी मानसिकता फिर हुई बेनकाब: ‘आप’ ने हरक सिंह रावत को पार्टी से तुरंत निकालने की मांग की !

कांग्रेसी नेता इतिहास से अनजान, सिखों की बहादुरी और कुर्बानियों को तुच्छ समझते हैं: बलतेज पन्नू !

आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के महासचिव और मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कांग्रेस के उत्तराखंड नेता हरक सिंह रावत के ताजा आपत्तिजनक बयान की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे कांग्रेस पार्टी की सिख-विरोधी मानसिकता का एक और प्रतिबिंब बताया।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पन्नू ने कहा कि कुछ कांग्रेसी नेताओं के दिमाग में “कूड़े का ढेर” भरा हुआ है, जो समय-समय पर नफरत भरी टिप्पणियों के जरिए बाहर आता रहता है। उन्होंने याद दिलाया कि पंजाब और सिखों के साथ कांग्रेस का इतिहास हमेशा दुखदाई रहा है। एसवाईएल के धोखे से लेकर 1982 तक हुई बेइंसाफियां, 1984 का ऑपरेशन ब्लू स्टार और दिल्ली में सिख नरसंहार तक – पार्टी का रिकॉर्ड जख्मों से भरा पड़ा है, जिन्हें सिख कौम आज भी झेल रही है।

पन्नू ने याद दिलाया कि कुछ दिन पहले ही पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग ने तरनतारन उपचुनाव प्रचार के दौरान एक सिख लड़के के जूड़े का मजाक उड़ाया था। माफी मांगने की बजाय कांग्रेस की लीडरशिप चुप रही। उन्होंने कहा कि आज हरक सिंह रावत ने सिखों के बारे में शर्मनाक ’12 बज गए’ टिप्पणी करके उसी नफरत को दोहराया है।

ऐतिहासिक महत्व की व्याख्या करते हुए पन्नू ने कहा कि “12 बज गए” शब्द सिखों की बहादुरी का प्रतीक है, जिन्होंने देश की अगवा की गई बेटियों को बचाने के लिए शराबी मुगल फौजों के खिलाफ रात के समय छापे मारे थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेसी नेता इतिहास से अनजान हैं और सिख कुर्बानियों को तुच्छ समझते हैं।

‘आप’ ने मांग की कि राहुल गांधी तुरंत हरक सिंह रावत को पार्टी से निकालें और सिख कौम से माफी मांगें। पन्नू ने पंजाब कांग्रेस के नेताओं राजा वड़िंग, प्रताप सिंह बाजवा और उनके आधा दर्जन मुख्यमंत्री पद के दावेदारों को भी अपना स्टैंड स्पष्ट करने के लिए कहा।

उन्होंने कहा कि पंजाब ने हमेशा नफरत की राजनीति को नकारा है। पन्नू ने कांग्रेस को चेतावनी देते हुए कहा कि वे बंटवारे के बीज बोने से बाज आएं, क्योंकि पंजाब की मिट्टी हर फसल उगाती है, लेकिन यहां नफरत नहीं उगती।

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