आम आदमी पार्टी (आप) के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने आज केंद्र की भाजपा सरकार को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि वह पंजाब के सब्र का इम्तिहान लेना बंद करे। धालीवाल ने खुलासा किया कि केंद्र सरकार 1 दिसंबर से शुरू होने वाले लोकसभा सत्र में 131वां संशोधन बिल लाकर चंडीगढ़ को संविधान के अनुच्छेद 240 के तहत लाने की फिराक में है। इसका मुख्य मकसद चंडीगढ़ को हमेशा के लिए पंजाब से अलग करना है, लेकिन हम केंद्र में बैठी भाजपा सरकार की इस चाल को कभी कामयाब नहीं होने देंगे।
मीडिया को संबोधित करते हुए कुलदीप सिंह धालीवाल ने स्पष्ट किया कि चंडीगढ़ हमारी ज़मीनों पर बना है, इसे हमारे किसानों और गाँवों को उजाड़कर बसाया गया है। यह केवल एक शहर नहीं, बल्कि पंजाब की आत्मा (रूह) है। उन्होंने कहा कि पहले कांग्रेस ने हमें चंडीगढ़ नहीं सौंपा और अब भाजपा इसे पूरी तरह से छीनने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कभी ये पंजाब यूनिवर्सिटी पर हमला करते हैं, कभी विधानसभा की इमारत पर, और अब अनुच्छेद 240 का ‘चोर दरवाज़ा’ खोलकर हमारे अधिकारों को खत्म करना चाहते हैं। धालीवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि चंडीगढ़ पंजाब का था, है और हमेशा रहेगा। उन्होंने हरियाणा को सलाह दी कि वह अपनी अलग राजधानी बनाए और हमारी ज़मीन पर हक जताना छोड़ दे।
धालीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को चेतावनी देते हुए कहा कि वे पंजाबियों के इतिहास को न भूलें। उन्होंने याद दिलाया कि मोदी जी ने पिछले कुछ वर्षों में देख लिया है कि पंजाब का किसान क्या कर सकता है, जब किसानों के संघर्ष ने आपकी सरकार को झुकने के लिए मजबूर कर दिया था। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पंजाब से चंडीगढ़ को छीनने की कोशिश की गई, तो आम आदमी पार्टी मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में संसद से लेकर सड़कों सहित हर मोर्चे पर संघर्ष करेगी।
उन्होंने पंजाब भाजपा के नेताओं सुनील जाखड़, कैप्टन अमरिंदर सिंह और मनप्रीत बादल पर भी निशाना साधा। धालीवाल ने उनसे सवाल पूछा कि जो खुद को पंजाब का बड़ा नेता कहते हैं, वे आज पंजाब के अस्तित्व पर हो रहे इस हमले पर चुप क्यों हैं? क्या वे पंजाब के साथ हो रहे इस अन्याय में भागीदार हैं?
धालीवाल ने समस्त पंजाबियों से अपील करते हुए कहा कि आज समय आ गया है कि हम राजनीति, जाति और धर्म से ऊपर उठकर एकजुट हों। उन्होंने कहा कि आज हमारे बच्चे यूनिवर्सिटी के लिए लड़ रहे हैं, कल हमें अपनी राजधानी के लिए लड़ना पड़ेगा। उन्होंने संकल्प लिया कि हम अपनी एक इंच ज़मीन और अपने स्वाभिमान को किसी भी कीमत पर केंद्र को नहीं बेचेंगे। चंडीगढ़ पंजाब का है और हम इसे किसी को बुरी नज़र से देखने भी नहीं देंगे।



