
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने गुरुवार को पंजाब पुलिस में शामिल होने वाले 1,746 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। यह राज्य सरकार द्वारा योग्यता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराने और पुलिस बल को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में पंजाब पुलिस में 13,092 कर्मियों की भर्ती की गई है, जबकि अन्य 3,298 कांस्टेबलों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बताया कि ‘नो कैश, नो फरमाइश’ के सिद्धांत के तहत अब तक 70,840 युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं।
पुलिस बल को मजबूत करने के साथ-साथ पंजाब सरकार ने जिला कैडर में 1,600 नए पद भी स्वीकृत किए हैं। इनमें 150 इंस्पेक्टर, 450 सब-इंस्पेक्टर और 1,000 असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर के पद शामिल हैं। इन पदों को विभागीय पदोन्नति के माध्यम से भरा जाएगा। सरकार ने इसे पुलिस बल को मजबूत करने, कर्मचारियों को करियर में आगे बढ़ने के अवसर देने तथा पंजाब की शांति की रक्षा करने की दिशा में कदम बताया है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने X पर कार्यक्रम की कुछ झलकियां साझा करते हुए कहा:
“आज जालंधर के PAP ग्राउंड में पंजाब पुलिस में शामिल होने वाले 1,746 युवा लड़के-लड़कियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इन युवाओं की भर्ती ‘नो कैश, नो फरमाइश’ के तहत पूरी तरह योग्यता के आधार पर हुई है। पिछले करीब ढाई वर्षों में हमारी सरकार ने 70,840 से अधिक नौकरियां दी हैं, जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। मुझे पूरा विश्वास है कि पंजाब पुलिस में भर्ती हुए ये बहादुर युवा पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ पंजाब और देश की रक्षा करेंगे। सभी युवाओं और उनके परिवारों को इस नई शुरुआत के लिए हार्दिक बधाई। पंजाब पुलिस परिवार में आपका स्वागत है। इंकलाब जिंदाबाद।”
पंजाब पुलिस में शामिल हुए 1,746 नए कांस्टेबल
फिल्लौर स्थित PAP ग्राउंड में 1,746 नवनियुक्त कांस्टेबलों की पासिंग आउट परेड को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने नए पुलिसकर्मियों को पंजाब पुलिस परिवार का अभिन्न हिस्सा बनने पर बधाई दी। उन्होंने उनसे समर्पण, व्यावसायिकता और मिशनरी भावना के साथ जनता की सेवा करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब अपने कर्मचारियों को बेहतर वेतन देने पर गर्व करता है, क्योंकि कर्मचारी राज्य प्रशासन की रीढ़ हैं।
उन्होंने कहा, “अगर केंद्र या कोई अन्य राज्य सरकार अपने किसी कर्मचारी को ₹36,000 वेतन देती है, तो पंजाब सरकार उसे ₹50,000 देती है। यह गर्व और संतोष की बात है कि राज्य सरकार अपने कर्मचारियों को सबसे अधिक वेतन देती है, जो सरकार की रीढ़ हैं।”
70,840 युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवनियुक्त युवा ऐसे समय में सरकारी परिवार का हिस्सा बन रहे हैं, जब राज्य सरकार पूरे पंजाब में रोजगार के अवसर पैदा कर रही है।
उन्होंने बताया कि सरकार अब तक 70,840 युवाओं को पूरी तरह योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां दे चुकी है। चयन प्रक्रिया पारदर्शी है और भ्रष्टाचार या सिफारिश से मुक्त रखी गई है।
उन्होंने कहा कि कई युवा उम्मीदवार अलग-अलग विभागों में एक से अधिक बार सरकारी नौकरी हासिल करने में सफल हुए हैं, जो भर्ती प्रक्रिया की प्रतिस्पर्धात्मकता और पारदर्शिता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार ने पंजाब के गांवों, कस्बों और शहरों में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा किए हैं।
साढ़े चार वर्षों में पुलिस बल में 13,092 भर्तियां
भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस नई भर्ती से पंजाब पुलिस और मजबूत हुई है। पिछले साढ़े चार वर्षों में पुलिस के विभिन्न पदों पर 13,092 युवाओं की भर्ती की गई है, जबकि अन्य 3,298 कांस्टेबलों की भर्ती प्रक्रिया जारी है।
उन्होंने नवनियुक्त पुलिसकर्मियों से कहा कि अब वे सरकारी परिवार का अभिन्न हिस्सा हैं और पंजाब को जीवंत एवं समृद्ध राज्य बनाने के सामूहिक मिशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
सामान्य परिवारों के बच्चे भी हासिल कर रहे बड़े लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि सामान्य परिवारों के बच्चे यह साबित कर रहे हैं कि समर्पण, दृढ़ता और सही मार्गदर्शन के जरिए कठिन से कठिन लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं।
उन्होंने नवनियुक्त युवाओं से भविष्य में भी नए मुकाम हासिल करने और पंजाब का नाम रोशन करने की उम्मीद जताई।
पंजाब पुलिस की जिम्मेदारी विशेष
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब पुलिस की जिम्मेदारी अन्य राज्यों की पुलिस से अलग और विशेष है।
उन्होंने कहा, “हर कोई जानता है कि पंजाब पुलिस केवल एक राज्य की पुलिस नहीं है, बल्कि यह देश की पुलिस भी है, जो एक शत्रुतापूर्ण पड़ोसी के साथ लगी 532 किलोमीटर लंबी सीमा की सुरक्षा करती है।”
उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस ने देश की एकता और अखंडता की रक्षा तथा पंजाब में शांति बनाए रखने की जिम्मेदारी हमेशा पूरी निष्ठा से निभाई है।
नशे के खिलाफ ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब को नशे के रूप में गंभीर चुनौती का सामना करना पड़ा है और राज्य सरकार ने इस समस्या से निर्णायक रूप से निपटने के लिए ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान शुरू किया है।
उन्होंने दावा किया कि पिछले 500 से अधिक दिनों में 70,000 से अधिक नशा तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। उन्होंने कहा कि नशे के इस अपराध में शामिल तस्करों की संपत्तियां जब्त की जा रही हैं और अवैध संपत्तियों को ध्वस्त भी किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब पुलिस ने जनता के सक्रिय सहयोग से नशे के खिलाफ कार्रवाई को मजबूत किया है और पंजाब को इस समस्या से मुक्त करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने नए पुलिसकर्मियों से नशे के खिलाफ सक्रिय भूमिका निभाने की अपील करते हुए कहा कि पंजाब देश की नशे के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और पंजाब पुलिस नशीले पदार्थों की आपूर्ति रोकने में लगातार बाधा के रूप में काम करती रही है।
पंजाब की शांति को भंग करने की कोशिशों पर मुख्यमंत्री का बयान
भगवंत सिंह मान ने कहा कि सीमावर्ती राज्य होने के कारण पंजाब की शांति को प्रभावित करने के प्रयास लगातार होते रहते हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य के खिलाफ काम करने वाली कई ताकतें पंजाब की मेहनत से हासिल शांति को भंग करने की योजनाएं बना रही हैं, लेकिन पंजाब पुलिस ने हमेशा ऐसी कोशिशों को विफल किया है।
उन्होंने पुलिस बल को जांच, विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में बदलती जरूरतों के अनुरूप लगातार आधुनिक बनाने पर जोर दिया।
जनता की सेवा सर्वोच्च प्राथमिकता हो
नवनियुक्त पुलिसकर्मियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब पुलिस में शामिल होना उनके जीवन का महत्वपूर्ण अवसर है।
उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों को पूरी मेहनत, समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभानी चाहिए।
“आपको आम जनता की परेशानियां कम करने और उन्हें न्याय दिलाने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। आपकी सर्वोच्च प्राथमिकता जनता का कल्याण होना चाहिए, ताकि समाज के हर वर्ग को आपकी सेवा का लाभ मिल सके,” उन्होंने कहा।
पुलिस को आधुनिक बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अपराधियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पुलिस बल को वैज्ञानिक आधार पर आधुनिक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 से अब तक पुलिस बल में 15,000 से अधिक नियुक्ति पत्र जारी किए गए हैं। पुलिसकर्मियों को अपने कर्तव्यों का बेहतर ढंग से निर्वहन करने के लिए नए और आधुनिक वाहन भी उपलब्ध कराए गए हैं।
पुलिस में 1,600 नए पद
मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार ने पुलिस के जिला कैडर में 1,600 नए पदों को मंजूरी दी है। इनमें:
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150 इंस्पेक्टर
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450 सब-इंस्पेक्टर (SI)
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1,000 असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI)
शामिल हैं।
इन पदों को विभागीय पदोन्नति के माध्यम से भरा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार पुलिस अधिकारियों को उनकी योग्यता और निर्धारित क्रम के अनुसार पदोन्नति दी जा रही है।
उन्होंने कहा, “हम पुलिस बल को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि हमारे पुलिसकर्मी अपनी जिम्मेदारियों को और अधिक प्रभावी ढंग से निभा सकें।”
‘सड़क सुरक्षा फोर्स’ से सड़क हादसों में मौतों में कमी
सड़क सुरक्षा के लिए राज्य सरकार की पहल का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने देश की पहली समर्पित ‘सड़क सुरक्षा फोर्स’ (SSF) शुरू की है। इसका उद्देश्य राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा बढ़ाना और कीमती जानें बचाना है।
उन्होंने बताया कि इस फोर्स में विशेष रूप से प्रशिक्षित कर्मियों, जिनमें लड़कियां भी शामिल हैं, की भर्ती की गई है और उन्हें आधुनिक वाहनों से लैस किया गया है।
यह फोर्स करीब 4,200 किलोमीटर दुर्घटना-प्रवण राजमार्गों पर तैनात है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इसके गठन के बाद सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में 52.87 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “SSF देश में अपनी तरह की पहली पहल है, जिसका उद्देश्य राजमार्गों पर सुरक्षा बढ़ाना और कीमती जानें बचाना है। ये युवा कर्मचारी इस फोर्स की रीढ़ के रूप में काम कर रहे हैं और हमारी सड़कों को सुरक्षित बनाने में योगदान दे रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि यह फोर्स यातायात नियमों के उल्लंघन के खिलाफ भी निरोधात्मक भूमिका निभा रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने संसद में राज्य सरकार की इस पहल की सराहना की थी।
अंत में मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त पुलिसकर्मियों से कहा कि वे “मिशनरी भावना” के साथ जनता की सेवा करें और अपनी कलम तथा पद का इस्तेमाल जरूरतमंद एवं वंचित वर्गों की मदद के लिए करें।




