दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी की फर्जी वीडियो के जरिए ‘आप’ को बदनाम करने की कोशिशें बेअदबी और लापता सरूपों से जुड़े अनसुलझे सवालों से ध्यान नहीं भटका सकतीं: बलतेज पन्नू !
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी की फर्जी वीडियो के जरिए 'आप' को बदनाम करने की कोशिशें बेअदबी और लापता सरूपों से जुड़े अनसुलझे सवालों से ध्यान नहीं भटका सकतीं: बलतेज पन्नू !
आम आदमी पार्टी (आप) ने बुधवार को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के प्रतिनिधिमंडल द्वारा दिल्ली पुलिस कमिश्नर के पास पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी ने इसे राजनीति से प्रेरित कदम करार दिया, जो श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की मर्यादा से जुड़े गंभीर मुद्दों को हल्का बनाने की कोशिश है।
आम आदमी पार्टी ने कहा कि यह बेहद चिंताजनक है कि जो संस्थाएं पंजाब में बेअदबी की दर्दनाक घटनाओं के दौरान चुप रहीं, वे आज एक विवादित और फर्जी वीडियो को लेकर दिल्ली की ओर भाग रही हैं।
इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए ‘आप’ के वरिष्ठ नेता और पंजाब स्टेट मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा कि जब श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 पावन सरूप लापता हुए थे, उस समय इसी एसजीपीसी ने पंजाब पुलिस को सहयोग देने या बयान देने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा कि उन्होंने सार्वजनिक तौर पर स्टैंड लिया था कि वे जांच में मदद नहीं करेंगे। यह श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार साहिब के स्पष्ट आदेशों के बाद ही था कि वे मजबूरी में सहयोग के लिए सहमत हुए थे। उस समय भी कोई सार्थक बयान सामने नहीं आया। जब श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की मर्यादा पर सचमुच हमला हुआ था, तब यह तत्परता कहां थी?
साल 2015 की बेअदबी की घटनाओं का हवाला देते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि जब बेअदबी के मामले जिला और सेशन अदालतों में चल रहे थे, तब एसजीपीसी लीडरशिप जांच में मदद के लिए आगे नहीं आई। उन्होंने कहा कि लोग कोटकपूरा में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने पानी की बौछारें कीं, गोलियां चलाईं और आंसू गैस के गोले छोड़े। बहबल कलां में पुलिस फायरिंग के दौरान दो निर्दोष प्रदर्शनकारियों की जान चली गई। उस समय भी ये नेता पुलिस के पास बयान देने नहीं गए। उन दिनों की उनकी चुप्पी सार्वजनिक रिकॉर्ड का हिस्सा है।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 2020 में भी जब श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के सरूपों के लापता होने पर गंभीर सवाल उठे थे, तब पुलिस के साथ कोई सक्रिय सहयोग नहीं किया गया था। पन्नू ने कहा कि बार-बार जब श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता का सचमुच उल्लंघन हुआ, उन्होंने जवाबदेही से पल्ला झाड़ा। अब अचानक वे एक ऐसी वीडियो के लिए दिल्ली जाकर एफआईआर की मांग कर रहे हैं, जिसे खुद गुमराहकुन और गलत तरीके से बनाई गई बताया जा रहा है।
पंजाब मीडिया इंचार्ज ने कहा कि यह दोहरा मापदंड नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। जब मौजूदा सरकार द्वारा बेअदबी के मामलों में एफआईआर दर्ज की गईं, तब एसजीपीसी ने खुलेआम कहा था कि वे पुलिस के साथ सहयोग नहीं करेंगे। श्री अकाल तख्त साहिब के निर्देशों के बाद ही वे सहयोग के लिए माने थे। लेकिन असल बेअदबी, लापता सरूपों और श्रद्धालुओं पर पुलिस फायरिंग जैसे मुद्दों पर उन्होंने कभी ऐसी फुर्ती नहीं दिखाई। आज की कार्रवाई उनके चुनिंदा गुस्से और सियासी इरादों को बेनकाब करती है।
गुरु साहिबान और सिख भावनाओं के प्रति ‘आप’ के अटूट सम्मान को दोहराते हुए बलतेज पन्नू ने कहा, “श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का सम्मान सच्चाई, जवाबदेही और इंसाफ के जरिए होता है, न कि ड्रामेबाजी और चुनिंदा राजनीति के जरिए। फर्जी वीडियो के जरिए आतिशी को बदनाम करने की कोशिशें बेअदबी के अनसुलझे सवालों और सिख कौम को लंबे समय से इंसाफ न मिलने के मुद्दे से ध्यान नहीं भटका सकतीं।”



