पहले ‘चोरों की सरकार’ थी जहाँ कोई काम नहीं होता था; आज ‘ईमानदार सरकार’ है और सारा काम हो रहा है: CM भगवंत सिंह मान

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शिरोमणि अकाली दल (बादल) पर भाजपा के साथ गठबंधन करने की उत्सुकता को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान 750 किसानों की मौत के लिए जिम्मेदार भाजपा को पंजाब की जनता कभी माफ नहीं करेगी।

गांव काहलवां में आयोजित लोक मिलनी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली दल और कांग्रेस के पास पंजाब के लिए कोई एजेंडा नहीं है और दोनों दलों का उद्देश्य केवल सत्ता हासिल करना है। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने ईमानदार और जन-केंद्रित प्रशासन के माध्यम से लोगों को ठोस लाभ पहुंचाए हैं।

मान ने कहा कि पंजाब के 90 प्रतिशत घरों को अब शून्य बिजली बिल मिल रहा है। किसानों को दिन के समय नहर का पानी और बिजली उपलब्ध कराई जा रही है तथा 70,840 युवाओं को बिना रिश्वत और सिफारिश के सरकारी नौकरियां दी गई हैं। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों और मौजूदा सरकार के कामकाज में जनता को स्पष्ट अंतर दिखाई दे रहा है।

मुख्यमंत्री ने एक्स पर लोक मिलनी कार्यक्रम की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि गांव काहलवां में लोगों का भारी उत्साह देखकर उनका मन प्रसन्न हुआ। उन्होंने बताया कि सरकार ने पहले दिन से ही जनहित में फैसले लेने शुरू किए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि रक्षाबंधन के अवसर पर मावा धीयां सत्कार योजना के तहत महिलाओं के खातों में सहायता राशि पहुंचाई जाएगी। गांव काहलवां के विकास के लिए उन्होंने पंचायत को 51 लाख रुपये का चेक भी सौंपा।

मान ने कहा कि उन्होंने राजनीति में पैसा कमाने के लिए प्रवेश नहीं किया, बल्कि पंजाब और उसके लोगों की सेवा के लिए अपनी प्रसिद्धि और करियर को पीछे छोड़ा। उन्होंने कहा कि जहां भी वह जाते हैं, लोगों से उन्हें काफी समर्थन और प्यार मिलता है।

अकाली दल पर तीखा हमला

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के दौरान पंजाब के युवाओं को नशे की ओर धकेला गया। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या ने उन्हें राजनीति में आने के लिए प्रेरित करने वाले प्रमुख कारणों में भूमिका निभाई।

उन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि पंजाब के लोगों ने आम आदमी पार्टी को ऐतिहासिक जनादेश दिया और कई बड़े राजनीतिक नेताओं को उनके पारंपरिक गढ़ों में भी पराजित किया।

अकाली दल पर निशाना साधते हुए मान ने आरोप लगाया कि उसके शासनकाल में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाएं हुईं, आरोपियों को संरक्षण दिया गया और निर्दोष लोगों पर गोलीबारी हुई। उन्होंने अकाली दल पर पंजाब में विभिन्न माफिया और नशे के कारोबार को संरक्षण देने का भी आरोप लगाया।

उन्होंने भाजपा के साथ संभावित अकाली गठबंधन को लेकर कहा कि यह गठबंधन किसी विचारधारा या जनकल्याण के उद्देश्य से नहीं, बल्कि पंजाब में सत्ता हासिल करने के लिए किया जा रहा है।

कांग्रेस पर भी निशाना

मान ने कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता सत्ता के लिए आपस में लड़ रहे हैं, जबकि उनकी सरकार का ध्यान शिक्षा, स्वास्थ्य और पंजाब के विकास पर है।

उन्होंने कांग्रेस पर पंजाब के लिए कोई स्पष्ट दृष्टिकोण नहीं होने का आरोप लगाया और कहा कि पार्टी का उद्देश्य सत्ता हासिल करना है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस के अंदरूनी मतभेदों पर भी कटाक्ष किया।

सरकार की उपलब्धियां गिनाईं

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने सार्वजनिक धन का इस्तेमाल लोगों के कल्याण के लिए किया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने 1,080 करोड़ रुपये में एक निजी थर्मल पावर प्लांट खरीदा, जिसे अब श्री गुरु अमर दास जी के नाम पर रखा गया है।

उन्होंने कहा कि पंजाब में 90 प्रतिशत से अधिक परिवारों को मुफ्त बिजली मिल रही है और किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने पिछली सरकार को “चोरों की सरकार” और अपनी सरकार को “ईमानदार सरकार” बताते हुए कहा कि अब सरकारी काम तेजी से हो रहे हैं।

मान ने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए राज्य में 3,100 खेल स्टेडियम बनाए जा रहे हैं। शिक्षा को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए उठाए गए कदमों का भी उल्लेख किया।

उन्होंने दावा किया कि राज्य में 45,000 किलोमीटर सड़कों का नवीनीकरण और उन्नयन किया जा रहा है। उनके अनुसार, सत्ता संभालने के समय पंजाब में केवल 26 प्रतिशत क्षेत्र नहर सिंचाई के तहत था, जो अब बढ़कर 80 प्रतिशत हो गया है।

स्वास्थ्य और महिलाओं के लिए योजनाओं का उल्लेख

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री सेहत योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इसके तहत पंजाब के प्रत्येक निवासी परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने इसे देश में अपनी तरह की पहली व्यापक स्वास्थ्य योजना बताया।

उन्होंने मावा धीयां सत्कार योजना के तहत 18 वर्ष से अधिक उम्र की प्रत्येक पात्र महिला को 1,000 रुपये, जबकि अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता देने की बात कही। यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जानी है। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन लेने वाली महिलाएं भी इस योजना के लिए पात्र होंगी।

मान के अनुसार, राज्य की लगभग 97 प्रतिशत महिलाएं इस योजना से लाभान्वित होने की उम्मीद है और इसके लिए बजट में 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन के अवसर पर 28 अगस्त को योजना की किस्त लाभार्थियों के खातों में भेजी जाएगी। उन्होंने पात्र महिलाओं से योजना के लिए पंजीकरण कराने की अपील भी की।

कार्यक्रम में विधायक बलकार सिंह, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा सहित अन्य अधिकारी और नेता मौजूद रहे।

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