बाढ़ों संबंधी पंजाब सरकार द्वारा रखे गए तथ्यों पर केंद्र सरकार ने लगाई मुहर: बरिंदर कुमार गोयल !

कहा: बांधों के प्रबंधन में कोई कमी नहीं; अत्यधिक बारिश ही बाढ़ों का कारण !

लहरागागा, 02 दिसंबर (000) राज्य में इस वर्ष आई भयंकर बाढ़ों को लेकर पंजाब सरकार लगातार यह तथ्य सामने रखती रही कि यह बाढ़ें पंजाब सरकार या बांधों के प्रबंधन की किसी कमी के कारण नहीं आईं, बल्कि अत्यधिक वर्षा के कारण आईं। जब भी पंजाब सरकार या उसके प्रतिनिधि यह तथ्य रखते थे, विरोधी दल इसके विपरीत जाकर पंजाब सरकार को निशाना बनाते थे। लेकिन अब राज्यसभा में सांसद श्री संजय राउत द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री श्री राज भूषण चौधरी ने स्पष्ट किया है कि यह बाढ़ें बांधों के प्रबंधन की किसी कमी के कारण नहीं, बल्कि बहुत अधिक बारिश के कारण आई हैं। इस बयान से पंजाब सरकार के लंबे समय से रखे गए तथ्यों पर मुहर लग गई है और विरोधियों के आरोप झूठे साबित हुए हैं।

यह बात कैबिनेट मंत्री श्री बरिंदर कुमार गोयल ने सौरभ कॉम्प्लेक्स, लहरा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कही। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि जब पंजाब में बाढ़ आई हुई थी, उस समय केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज चौहान ने पंजाब का दौरा किया था, लेकिन उन्होंने भी यह तथ्यहीन बयान दिया था कि पंजाब में बाढ़ माइनिंग (खनन) के कारण आई है, जबकि तकनीकी रूप से ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया।

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि विधानसभा में भी विरोधियों द्वारा यह तथ्यहीन आरोप लगाया गया कि रंजीत सागर डैम से 7 लाख 15 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि उन्होंने स्वयं विधानसभा में इसका उत्तर दिया था कि केवल 2 लाख 25 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। बाकी पानी नदियों के इनकैचमेंट क्षेत्र और अन्य संबद्ध खड्डों से आया, जो कि प्राकृतिक प्रक्रिया थी।

जब पंजाब बाढ़ की मार झेल रहा था, तब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी पंजाब की स्थिति का जायज़ा लिया था और पंजाब के लोगों को उम्मीद थी कि केंद्र सरकार पंजाब की सहायता करेगी, लेकिन इसके विपरीत केंद्र ने केवल 1600 करोड़ रुपये मुआवज़े की घोषणा की, जबकि राज्य का नुकसान लगभग 20 हज़ार करोड़ रुपये का हुआ था।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि जो लोग बाढ़ के मुद्दे पर पंजाब सरकार के खिलाफ बयानबाज़ी करते रहे, उन्होंने कभी भी केंद्र सरकार द्वारा मात्र 1600 करोड़ के मुआवज़े की घोषणा पर कोई आलोचना नहीं की।

श्री गोयल ने कहा कि केंद्र सरकार पंजाब के साथ लगातार सौतेला व्यवहार करती रही है, चाहे वह भाजपा की केंद्र सरकार हो या कांग्रेस की। पहले रिपेरियन सिद्धांत के खिलाफ जाकर पंजाब का पानी छीना गया, फिर कभी बीबीएमबी को हथियाने की कोशिश की गई और कभी पंजाब विश्वविद्यालय को।

भाखड़ा डैम की सुरक्षा के लिए पंजाब पुलिस की जगह केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती भी केंद्र सरकार का तानाशाही निर्णय था, जबकि पंजाब पुलिस हर स्थिति से निपटने के लिए विश्वभर में जानी जाती है। बीते दिनों केंद्र सरकार ने बीबीएमबी का सचिव अपनी मनमर्जी से नियुक्त करने के लिए एक परिपत्र जारी किया था, जिससे पंजाब कैडर के उन अधिकारियों का नुकसान होने की आशंका थी जो 20 वर्षों से बोर्ड में काम कर रहे थे। लेकिन जब वे अधिकारी माननीय हाई कोर्ट गए और केंद्र को लगा कि फैसला उनके खिलाफ आएगा, तो वह परिपत्र वापस ले लिया गया।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने अपना कर्तव्य निभाते हुए समय-समय पर विशेष सत्र बुलाकर राज्य के महत्वपूर्ण मुद्दों पर सभी विधायकों की राय ली, विचार-विमर्श किया और प्रस्ताव पारित किए। लेकिन विभिन्न विरोधी पार्टियाँ पंजाब सरकार पर लगातार तथ्यहीन आरोप लगाती रहीं और आज सच पूरे देश के सामने आ गया है।

पंजाब सरकार ने हमेशा तथ्यों पर आधारित जानकारी साझा की और लोगों को कभी भी किसी प्रकार के भ्रम में नहीं रखा, और आज अंततः सत्य की जीत हुई है।

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