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आरटीओ में सालाना 29 लाख अर्जियों वाला काम अब घर बैठे, मान-केजरीवाल ने ‘1076’ सेवा से भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ा: हरमीत संधू !

कहा - यह है असली बदलाव, अब '1076' डायल करने पर घर आएंगे आरटीओ कर्मचारी !

आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता और उम्मीदवार हरमीत सिंह संधू ने पंजाब में ‘फेसलेस’ आरटीओ सेवाओं की शुरुआत को एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम बताया है। उन्होंने कहा कि ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लुधियाना में आरटीओ दफ्तर को प्रतीकात्मक तौर पर ताला लगाकर राज्य से भ्रष्टाचार, परेशानियों और बिचौलिया सिस्टम के खात्मे का ऐलान कर दिया है।

एक प्रेस बयान जारी करते हुए हरमीत सिंह संधू ने कहा कि पंजाब अब देश का पहला राज्य बन गया है, जहां आम लोगों को परिवहन विभाग से संबंधित कामों के लिए सरकारी दफ्तरों के धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि अब सिर्फ 1076 नंबर डायल करने पर सरकारी कर्मचारी खुद लोगों के घर आकर काम करेंगे। ‘आप’ नेता ने कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) से संबंधित कुल 56 प्रमुख सेवाओं को पूरी तरह फेसलेस कर दिया गया है, जिससे लोगों को भ्रष्टाचार, परेशानियों और बिचौलियों से असली आजादी मिली है।

संधू ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि इस क्रांतिकारी कदम की अहमियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अकेले वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान ही परिवहन विभाग ने कुल 29,23,390 अर्जियों पर कार्रवाई की थी। इनमें से 19,63,209 अर्जियां वाहन रजिस्ट्रेशन और 9,60,181 अर्जियां ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित थीं। संधू ने कहा, “आप सोच सकते हैं कि पहले इतनी बड़ी संख्या में लोगों को अपना जायज काम करवाने के लिए भी कितनी परेशानी और भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ता होगा। लेकिन अब मान सरकार ने एक ही झटके में इस पूरे सिस्टम को जन-हितैषी बना दिया है।”

‘आप’ उम्मीदवार ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि यह सच है कि पिछली सरकारें लोगों को तंग करने के लिए रिबन काटती थीं, लेकिन ‘आप’ सरकार लोगों को सुविधाएं देने के लिए भ्रष्टाचार के अड्डे बन चुके दफ्तरों को ताले लगा रही है। उन्होंने कहा कि जिस तरह पहले पंजाब में 19 टोल प्लाजा बंद करके लोगों की बेवजह लूट बंद की गई थी, उसी तरह अब आरटीओ दफ्तरों को बंद करके बिचौलियों की लूट को हमेशा के लिए खत्म कर दिया गया है। यह असली डिजिटल क्रांति है जो आम आदमी को ताकत दे रही है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि इस फैसले से परिवहन विभाग के किसी भी कर्मचारी की नौकरी नहीं जाएगी, बल्कि सरकार द्वारा उनकी योग्यता के अनुसार अन्य विभागों में उनकी सेवाओं का इस्तेमाल किया जाएगा। संधू ने बताया कि लोगों की सहूलियत के लिए और नई प्रणाली को सुचारू ढंग से लागू करने के लिए आरटीओ दफ्तरों में पहले 15 दिनों के लिए विशेष हेल्प डेस्क भी स्थापित किए गए हैं, ताकि लोगों को किसी तरह की मुश्किल न आए। उन्होंने जनता से इस ऐतिहासिक और जन-हितैषी प्रयास का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाने की अपील की।

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