यूपी मतदाता पुनरीक्षण (SIR): अब 6 मार्च तक दर्ज कराएं आपत्ति, 3.26 करोड़ लोगों को नोटिस भेजेगा चुनाव आयोग
उत्तर प्रदेश में SIR के तहत मतदाता दावे और आपत्तियों की समय-सीमा एक माह बढ़ी। अब 6 मार्च तक आवेदन, अंतिम सूची 10 अप्रैल को जारी होगी।

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में विशेष प्रगाढ़ मतदाता पुनरीक्षण (SIR) के तहत दावा और आपत्तियों की समय-सीमा एक बार फिर बढ़ा दी गई है। अब मतदाता 6 मार्च तक अपने नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन के लिए आवेदन कर सकेंगे। यह फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि बड़ी संख्या में आवेदन अभी भी लंबित हैं।
यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने इस संबंध में निर्वाचन आयोग को प्रस्ताव भेजा था, जिसे मंजूरी मिल गई है।
सुनवाई की तारीख भी एक महीने आगे बढ़ी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि पहले 6 फरवरी तक दावा और आपत्तियों पर सुनवाई की अंतिम तिथि तय थी। अब इसे बढ़ाकर 27 मार्च कर दिया गया है।
इसके साथ ही अंतिम मतदाता सूची अब 10 अप्रैल को प्रकाशित की जाएगी।
गौरतलब है कि यह दूसरी बार है जब निर्वाचन आयोग ने अंतिम मतदाता सूची की समय-सीमा को आगे बढ़ाया है।
3.26 करोड़ मतदाताओं को भेजा जाएगा नोटिस
निर्वाचन आयोग अब उन मतदाताओं पर फोकस कर रहा है जिनका डेटा वोटर लिस्ट से मेल नहीं खा रहा है।
करीब 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस भेजे जाएंगे। इनमें वे लोग शामिल हैं:
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जिनका रिकॉर्ड सही नहीं पाया गया
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जो दिए गए पते पर उपलब्ध नहीं मिले
नोटिस मिलने पर क्या करना होगा?
यदि आपको नोटिस मिलता है तो:
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अपने जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे
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दस्तावेज़ों के सत्यापन के बाद ही नाम को सूची में शामिल या बरकरार रखने का फैसला होगा
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नाम जोड़ने या सुधार के लिए 6 मार्च तक आवेदन कर सकते हैं
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आवेदन ऑनलाइन या अपने क्षेत्र के बीएलओ (BLO) के माध्यम से किया जा सकता है
उत्तर प्रदेश में SIR प्रक्रिया का पूरा हाल
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SIR प्रक्रिया की शुरुआत: 27 अक्टूबर
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प्रारंभिक ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी: 6 जनवरी
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पहले आपत्ति की अंतिम तिथि: 6 फरवरी
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बड़ी संख्या में आवेदन और डेटा मिलान के चलते समय-सीमा बढ़ाई गई
मतदाता पुनरीक्षण अभियान में कितने आवेदन आए?
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नाम जोड़ने के लिए (Form-6): 37,80,414 आवेदन
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नाम हटाने के लिए (Form-7): 82,684 आवेदन
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विदेश में रहने वाले मतदाता (Overseas): 1,073 आवेदन



