पटना
बिहार में बनने वाले सोनपुर और अजगैबीनाथ धाम (सुल्तानगंज) ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पर कुल 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड में होगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दोनों हवाई अड्डा के निर्माण में तेजी लाने का निर्देश दिया है। इसको लेकर विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने कहा कि दोनों एयरपोर्ट परियोजनाओं के विकास से हवाई संपर्कता, पर्यटन, व्यापार एवं क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इस संबंध में सोमवार को पटना में सीएम ने उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें छपरा से भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूढ़ी समेत कई आला अधिकारी शामिल हुए।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को अपने आवास में दोनों एयरपोर्ट के निर्माण को लेकर किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि भागलपुर जिले में बनने वाले अजगैबीनाथ धाम एयरपोर्ट में 3500 करोड़ रुपये और पटना के पास सारण जिले में प्रस्तावित सोनपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट में पहले चरण में 6500 करोड़ यानी कुल 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश पीपीपी मोड पर होगा। राज्य सरकार जमीन अधिग्रहण और एयरपोर्ट के लिए संपर्कता की लागत वहन करेगी।
समीक्षा के दौरान सीएम ने संबंधित अधिकारियों को भूमि अधिग्रहण से संबंधित प्रक्रियाओं में तेजी लाने और सभी आवश्यक कार्यों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया। यह भी निर्देश दिया कि एयरपोर्ट की आधारभूत संरचना और रन-वे का विकास इस प्रकार किया जाए कि यहां बड़े विमानों का संचालन हो सके।
अजगैबीनाथ एयरपोर्ट से इन जिलों के लोगों को फायदा, श्रावणी मेला में सुविधा होगी
सम्राट चौधरी ने कहा कि अजगैबीनाथ धाम एयरपोर्ट से मुंगेर, लखीसराय, जमुई, भागलपुर, बांका, खगड़िया, बेगूसराय सहित आसपास के जिलों को बेहतर हवाई सुविधा का लाभ मिलेगा। साथ ही, श्रावणी मेले के दौरान देश के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं के आवागमन को भी सुविधा मिलेगी।
बड़े विमानों के संचालन के अनुकूल बनेगा सोनपुर एयरपोर्ट
सोनपुर एयरपोर्ट के मास्टर प्लान की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इसे बड़े विमानों (वाइड बॉडी एयरक्राफ्ट) के संचालन के अनुकूल विकसित किया जाए। एयरपोर्ट पर कार्गो सुविधा उपलब्ध कराने और यात्रियों की सुविधा के लिए बेहतर संपर्कता सुनिश्चित करने पर भी उन्होंने विशेष जोर दिया। इस एयरपोर्ट से पटना समेत बिहार के 22 जिलों के साथ-साथ झारखंड एवं उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों को भी हवाई संपर्क का लाभ मिलेगा।
मास्टर प्लान पर चर्चा
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी आवश्यक प्रक्रियाओं एवं निर्माण संबंधी कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए तथा परियोजनाओं की नियमित समीक्षा कर प्रगति सुनिश्चित की जाए। बैठक में दोनों एयरपोर्ट के तकनीकी-आर्थिक व्यवहार्यता रिपोर्ट, ट्रैफिक सर्वे, मास्टर प्लान, भूमि अधिग्रहण, एयरपोर्ट की क्षमता, सड़क संपर्कता और आवश्यक आधारभूत संरचनाओं के विकास से संबंधित विभिन्न पहलुओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में सांसद राजीव प्रताप रूढ़ी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह, सिविल विमानन विभाग के सचिव निलेश रामचंद्र देवड़े सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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