34 स्टोन क्रशर संचालकों से वसूले जाएंगे 5.91 करोड़, कुर्की की चेतावनी

ग्वालियर.

पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन के मामलों में निर्धारित क्षतिपूर्ति राशि जमा नहीं करने वाली स्टोन क्रशर इकाइयों पर अब प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। बिलौआ और रफादपुर क्षेत्र की 34 स्टोन क्रशर इकाइयों पर कुल पांच करोड़ 91 लाख 90 हजार रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति बकाया है।

इस राशि की वसूली के लिए जिला प्रशासन ने भू-राजस्व की तरह कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासन ने सभी संबंधित इकाइयों के विरुद्ध वसूली के प्रकरण दर्ज कर 15 दिन के मांग-पत्र जारी किए हैं। यानी इकाइयों को निर्धारित समय में बकाया राशि जमा करनी होगी। ऐसा नहीं करने पर उनकी संपत्ति कुर्क कर राशि वसूलने की कार्रवाई की जा सकती है। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय ग्वालियर से मिले प्रस्तावों के आधार पर की गई है। जिला प्रशासन के निर्देश पर नायब तहसीलदार, तहसील वृत्त बिलौआ ने संबंधित इकाइयों को मांग-पत्र जारी किए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय-सीमा में राशि जमा नहीं करने वालों के खिलाफ सख्त वसूली कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि नईदुनिया ने 34 क्रेशरों से क्षतिपूर्ति वसूली अटकी, पीसीबी की कार्रवाई सुस्त शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद प्रशासन जागा।

नोटिस के बाद भी राशि जमा नहीं की तो संपत्ति पर कार्रवाई
प्रशासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति की बकाया राशि वसूलना है। 15 दिन की समय-सीमा पूरी होने के बाद भी भुगतान नहीं करने वाली इकाइयों के खिलाफ भू-राजस्व वसूली की प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसमें बकायेदारों की संपत्ति कुर्क करना भी शामिल है।

इनसे होगी वसूली: प्रशासन ने सभी क्रशर इकाइयों की सूची जारी की –

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