नई दिल्ली
भारतीय हॉकी के स्वर्णिम युग के गवाह और 1968 के मेक्सिको ओलंपिक में तिरंगा लहराने वाले दिग्गज खिलाड़ी गुरबक्स सिंह ग्रेवाल का शुक्रवार को निधन हो गया। उन्होंने पंजाब में मोहाली जिले के जिरक पुर स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली।
भारतीय हॉकी के स्वर्णिम युग के गवाह और 1968 के मेक्सिको ओलंपिक में तिरंगा लहराने वाले दिग्गज खिलाड़ी गुरबक्स सिंह ग्रेवाल का शुक्रवार को निधन हो गया। उन्होंने पंजाब में मोहाली जिले के जिरक पुर स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली।
बता दें कि गुरबख्श सिंह ग्रेवाल ने अपने भाई बलबीर सिंह ग्रेवाल के साथ मिलकर इतिहास रचा था जब दोनों सगे भाइयों ने एक साथ ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। यह उपलब्धि भारतीय हॉकी के इतिहास में एक अनोखा कीर्तिमान मानी जाती है। वह पश्चिम रेलवे में वरिष्ठ खेल अधिकारी के रूप में भी कार्यरत रहे और खिलाड़ी के साथ-साथ प्रशासक के रूप में भी उन्होंने खेल के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
वहीं सुरजीत हॉकी सोसाइटी के पदाधिकारी इकबाल सिंह संधू ने ग्रेवाल के निधन पर शोक जताते हुए इसे हॉकी जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया। विभिन्न खेल और सामाजिक संगठनों ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा को शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है।

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