भिवानी
वन्य प्राणी सुरक्षा सप्ताह के दौरान प्रदेश के चिड़ियाघरों में वन्यजीव प्रेमियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। दो से आठ अक्टूबर तक प्रदेश के चिड़ियाघरों में पर्यटकों से कोई प्रवेश शुल्क नहीं लिया जाएगा।
यानी इस दौरान बच्चे और बड़े बिना टिकट चिड़ियाघरों में वन्यजीवों को करीब से देख सकेंगे। प्रदेश में भिवानी, रोहतक और कुरुक्षेत्र में चिड़ियाघर हैं, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग वन्यजीवों को देखने पहुंचते हैं।
वन एवं वन्यजीव विभाग की ओर से हर वर्ष दो से आठ अक्टूबर तक वन्य प्राणी सुरक्षा सप्ताह मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों में वन्यजीवों और उनके संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
इसी कड़ी में इस बार चिड़ियाघरों में आने वाले पर्यटकों को प्रवेश शुल्क से छूट देने का निर्णय लिया गया है। सामान्य दिनों में चिड़ियाघरों में बच्चों के लिए 20 रुपये और बड़ों के लिए 30 रुपये प्रवेश शुल्क निर्धारित है।
रोजाना दो से तीन हजार पर्यटक पहुंचते हैं: प्रदेश के इन चिड़ियाघरों में प्रतिदिन करीब दो से तीन हजार लोग वन्यजीव देखने पहुंचते हैं। सुरक्षा सप्ताह के दौरान प्रवेश निशुल्क होने से पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
खासकर स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों और परिवारों के लिए यह वन्यजीवों को करीब से देखने और उनके बारे में जानकारी हासिल करने का अच्छा अवसर होगा। चिड़ियाघरों में पर्यटकों के लिए सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक प्रवेश का समय निर्धारित है।

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