आम आदमी पार्टी (आप) के हल्का डेरा बाबा नानक से विधायक गुरदीप सिंह रंधावा ने कांग्रेस नेता और मौजूदा सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा द्वारा पुलिस प्रशासन पर की गई टिप्पणी की कड़े शब्दों में निंदा की है। रंधावा ने कहा कि गुरदासपुर में पिछले दिनों शहीद हुए हमारे दो जांबाज पुलिस कर्मियों की शहादत पर राजनीति करना बेहद शर्मनाक है।
सुखजिंदर रंधावा ने वहां के एसएसपी को जो अपशब्द कहे हैं, वह उनकी ओछी मानसिकता को दर्शाता है। मैं उन्हें याद दिलाना चाहता हूं कि उसी एसएसपी और पंजाब पुलिस ने अपनी काबिलियत का लोहा मनवाते हुए महज 72 घंटों के भीतर एक आरोपी को एनकाउंटर में ढेर कर दिया और दूसरा सलाखों के पीछे है।
विधायक रंधावा ने सुखजिंदर रंधावा पर हमला बोलते हुए सवाल किया कि वह जनता को बताएं कि उस समय के खूंखार आतंकवादी ‘नट्टी’ के साथ उनके परिवार के क्या संबंध थे? जो आतंकवादी सुखजिंदर रंधावा के पिता संतोख सिंह रंधावा को अपना ‘पिता’ कहकर संबोधित करता था और जिसे रंधावा अपना भाई मानते थे, उसके साथ उनके परिवार की क्या सांठगांठ थी? इतना ही नहीं, उत्तर प्रदेश के कुख्यात अंसारी परिवार और अन्य गैंगस्टरों के साथ अपने संबंधों पर सुखजिंदर रंधावा चुप्पी क्यों साध लेते हैं? जिनके खुद के तार अपराधियों से जुड़े हों, उन्हें वर्दीधारी ईमानदार पुलिस मुलाजिमों पर इल्जाम लगाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
सुखजिंदर रंधावा की ‘ईमानदारी’ पर सवाल उठाते हुए आप नेता ने कहा कि जब एक 17 साल के मासूम बच्चे और उसके पिता की हत्या हुई थी, तब रंधावा के मुंह से सख्त सजा की बात क्यों नहीं निकली? कलानौर में हुए भ्रष्टाचार का कच्चा चिट्ठा खोलते हुए विधायक ने बताया कि रंधावा के मंत्री रहते हुए 2018 से 2021 के बीच वहां 8 करोड़ रुपये का भारी घोटाला हुआ है।
विधायक ने बताया कि इस भ्रष्टाचार का सबूत 22 तारीख को दर्ज हुआ वह पर्चा है, जिसमें विजिलेंस ऑफिसर ने 2 बीडीपीओ और डीटीपीओ समेत 8 लोगों पर मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई इस बात का जीता-जागता सबूत है कि कांग्रेस राज में ‘ईमानदारी’ के चोले के पीछे लूट का खेल चल रहा था। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सुखजिंदर रंधावा जनता को गुमराह करना बंद करें, क्योंकि उनकी असलियत अब सबके सामने आ चुकी है।



