उदयपुर
राजस्थान के उदयपुर शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए उदयपुर विकास प्राधिकरण (UDA) इन दिनों फुल एक्शन मोड में है. इसी कड़ी में प्राधिकरण की टीम ने गुरुवार को शहर के सुखेर इलाके में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. यहां नामी होटल मनसा गार्डन और रेस्टोरेंट (Hotel Mansa) द्वारा सरकारी जमीन पर किए गए अवैध निर्माण पर प्राधिकरण का बुलडोजर चला है.
क्या है पूरा मामला?
प्राधिकरण के कमिश्नर अभिषेक खन्ना ने बताया कि सुखेर के आराजी संख्या 1526 (मीन) में प्राधिकरण का एक अनुमोदित प्लान (Approved Plan) है. इस प्लान के तहत कुछ जमीन रिजर्व रखी गई थी. लेकिन होटल मनसा गार्डन और रेस्टोरेंट ने नियमों को ताक पर रखकर इस रिजर्व भूमि पर कब्जा कर लिया और वहां निर्माण खड़ा कर दिया.
नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं
सिर्फ प्राधिकरण ही नहीं, बल्कि उस इलाके के रहने वाले लोग भी इस अवैध कब्जे से परेशान थे. कॉलोनीवासियों ने कई बार प्राधिकरण में इसकी शिकायत की थी. इसी के चलते प्राधिकरण ने होटल को धारा 70 के तहत नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. हालांकि, होटल मालिक के पास कब्जे को सही ठहराने के लिए कोई कानूनी दस्तावेज नहीं था. जवाब संतोषजनक न होने पर कमिश्नर ने अतिक्रमण हटाने के कड़े आदेश जारी किए, जिसके बाद यह कार्रवाई अमल में लाई गई.
मौके पर टीम ने क्या किया?
आदेश मिलते ही तहसीलदार डॉ. अभिनव शर्मा के नेतृत्व में एक भारी-भरकम टीम मौके पर पहुंची. टीम में भू-अभिलेख निरीक्षक राजेश मेहता, प्रतापसिंह राणावत, दूलीचन्द शर्मा और पटवारी दीपक जोशी शामिल थे. होमगार्ड के जाब्ते के साथ पहुंची टीम ने देखते ही देखते अवैध निर्माण को ढहा दिया और सरकारी जमीन को मुक्त कराया.
अतिक्रमणकारियों को खुली चेतावनी
कमिश्नर अभिषेक खन्ना ने साफ कर दिया है कि यह तो बस शुरुआत है. उन्होंने कहा, 'शहर में जहां भी सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे या निर्माण हुए हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा. प्राधिकरण की यह मुहिम आगे भी इसी तरह जारी रहेगी.'

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