पटना.
बिहार में फायर ब्रिगेड के बेड़े में 80 हाईटेक गाड़ियां शामिल हुई हैं। अग्निशमन व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने यह व्यवस्था की है। गांधी मैदान में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वाहनों को हरी झंडी दिखाई। उनके साथ डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र यादव भी मौजूद थे।
इस अवसर पर इन गाड़ियों का लाइव डेमो भी किया गया। फायरकर्मियों ने तत्परता और साहस का प्रदर्शन किया। यह देख तालियां बजती रहीं। अग्निशमन विभाग को मिली इन गाड़ियों में 36 स्कॉर्पियो हैं। आग लगने की सूचना मिलने पर कुछ ही देर में वाहन के साथ फायर कर्मी पहुंच जाएंगे। राज्य में अप्रैल और मई के दौरान आग लगने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। ग्रामीण इलाकों में फूस के घर, खेतों के पास सूखी घास और बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट की वजह से कई जिलों में नुकसान की घटनाएं सामने आई हैं। इसी स्थिति को देखते हुए अग्निशमन विभाग को आधुनिक संसाधनों से लैस करने का फैसला लिया गया।
नई खरीदी गई 80 गाड़ियों में 36 स्कॉर्पियो वाहन भी शामिल हैं, जिन्हें त्वरित प्रतिक्रिया के लिए तैयार किया गया है। सरकार के मुताबिक, पहले कई इलाकों में दमकल गाड़ियों को पहुंचने में लंबा समय लग जाता था। सड़क, दूरी और सीमित संसाधन बड़ी चुनौती बनते थे। नई गाड़ियों के शामिल होने से अब जिला और प्रखंड स्तर पर अग्निशमन टीमों की तैनाती मजबूत होगी। इससे शुरुआती समय में ही आग पर काबू पाने में मदद मिलेगी और नुकसान कम होगा।
अधिकारियों का कहना है कि गर्मी के मौसम में तापमान बढ़ने के साथ आग लगने की घटनाएं भी बढ़ जाती हैं। बिजली की खराब वायरिंग, ट्रांसफॉर्मर में खराबी, गैस सिलेंडर लीक और खेतों में जलावन जलाने जैसी वजहें बड़ी घटनाओं में बदल जाती हैं। ऐसे में फायर ब्रिगेड की तेज प्रतिक्रिया सबसे अहम होती है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए नए वाहनों को हाई-स्पीड मूवमेंट और त्वरित राहत कार्य के हिसाब से तैयार किया गया है। नई व्यवस्था का सबसे बड़ा असर ग्रामीण क्षेत्रों में दिखने की उम्मीद है। अब तक कई गांवों में दमकल वाहन देर से पहुंचते थे। इससे छोटे हादसे भी बड़े नुकसान में बदल जाते थे। सरकार का दावा है कि नई गाड़ियों के जरिए गांवों तक राहत सेवाओं की पहुंच पहले से बेहतर होगी। इससे जान-माल की सुरक्षा को लेकर लोगों का भरोसा भी बढ़ेगा।
अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की है। गर्मी के मौसम में बिजली उपकरणों के इस्तेमाल में सावधानी बरतने, खेतों और घरों के आसपास ज्वलनशील सामान नहीं रखने और आग लगने की स्थिति में तुरंत सूचना देने को कहा गया है। सरकार का मानना है कि आधुनिक संसाधनों और तेज रिस्पॉन्स सिस्टम के जरिए इस बार अगलगी की घटनाओं में नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।

वैश्विक संकट के बीच सड़क सुधार पर मंत्री देवांगन का बड़ा फॉर्मूला, डामर के विकल्प तलाशने के निर्देश
भोजशाला में आज जश्न का माहौल, ऐतिहासिक निर्णय के बाद श्रद्धालु दीपक और आतिशबाजी से मनाएंगे उत्सव
3-D उन्मूलन मिशन पर बड़वानी पुलिस, जनजातीय समाज में जागरूकता की नई पहल
मरीजों की बढ़ सकती है परेशानी, 2 जून से स्वास्थ्य कर्मचारियों की बड़ी हड़ताल का ऐलान