रांची
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार के अनुसार, राज्य के छह विधानसभा क्षेत्रों में बीएलओ द्वारा शत-प्रतिशत मतदाताओं को गणना प्रपत्र दिए जा चुके हैं। इनमें चतरा, मझगांव, मनोहरपुर, चक्रधरपुर, गुमला तथा लोहरदगा विधानसभा क्षेत्र सम्मिलित हैं। उन्होंने इन विधानसभा क्षेत्रों के सभी बीएलओ, ईआरओ, एईआरओ को इसके लिए बधाई दी है।
उन्होंने सोमवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक में निर्देश दिया कि राज्य के अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी गुरुवार तक 100 प्रतिशत मतदाताओं तक गणना प्रपत्र उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
उन्होंने सभी मतदाताओं से गणना प्रपत्र शीघ्र भरकर तथा हस्ताक्षर कर बीएलओ को उपलब्ध कराने की अपील की है ताकि गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन का कार्य पूरा किया जा सके। उन्होंने एसआइआर कार्यों की जिलावार समीक्षा करते हुए कहा कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या खानापूर्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने सभी पदाधिकारियों को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से अनुपालन करने का निर्देश देते हुए कहा कि सभी अधिकारी 'एक भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से न छूटे, और एक भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में न जुड़े' के मूल लक्ष्य के साथ धरातल पर कार्य करें।
उन्होंने विभिन्न शिकायतों और स्टेकहोल्डर्स से मिले फीडबैक पर संज्ञान लेते हुए बीएलओ के कार्यों को लेकर कड़े निर्देश दिए। कहा कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार बीएलओ का यह अनिवार्य कर्तव्य है कि वे अपने मतदान केंद्र क्षेत्र के अंतर्गत घर-घर जाकर मतदाताओं के गणना प्रपत्र का वितरण एवं संग्रहण करें।
बीएलओ जाएं घर-घर, किसी भी हाल में नहीं लगेगा कैंप
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि बीएलओ को मतदाताओं के घरों तक पहुंचकर ही एसआइआर संबंधी सेवाएं प्रदान करनी है। उन्हें किसी भी परिस्थिति में कैंप लगाकर या मतदाताओं को एक जगह बुलाकर प्रपत्र के सत्यापन करने की अनुमति नहीं होगी।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कुछ अनधिकृत संस्थानों, साइबर कैफे और गैर-सरकारी संगठनों द्वारा एसआइआर संबंधी कैंप लगाए जाने के मामलों पर गंभीर रुख अपनाते हुए कहा कि मुख्यालय द्वारा इस तरह के किसी भी कैंप के लिए अनुमति नहीं प्रदान की गई है। ऐसा कोई भी कैंप पूरी तरह अवैध माना जाएगा।

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