रांची
झारखंड हाईकोर्ट ने रेलवे भर्ती से जुड़े एक मामले में फैसला सुनाते हुए कैट (केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण) की रांची सर्किट बेंच के 23 अक्टूबर 2024 के आदेश को निरस्त कर दिया. साथ ही अदालत ने रेलवे को निर्देश दिया कि चार सप्ताह के अंदर याचिककर्ता को नियुक्ति पत्र जारी किया जाए.
भेदभावपूर्ण और मनमाना था निर्णय
जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद व जस्टिस दीपक रोशन की खंडपीठ ने कैट की रांची सर्किट बेंच के आदेश को रद्द कर दिया. खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि समान परिस्थितियों में अलग-अलग व्यवहार करना असंवैधानिक है. कहा कि समान परिस्थितियों में अन्य उम्मीदवारों को नियुक्ति दी गई है, लेकिन याचिककर्ता को नियुक्ति से वंचित किया गया. ऐसा करना भेदभावपूर्ण और मनमाना है.
क्या है पूरा मामला
प्रार्थी रविशंकर कुमार भारतीय सेना में 16 वर्षों से अधिक समय तक सेवा दे चुके थे. उन्होंने रेलवे की नॉन टेक्निकल पापुलर कैटिगरीज के तहत आवेदन किया था. नियम के मुताबिक अभ्यर्थी का 31 मार्च 2020 तक सेना से सेवानिवृत्त होना जरूरी था, जबकि प्रार्थी 30 अप्रैल 2020 को सेवानिवृत्त हुए थे. दस्तावेज सत्यापन के दौरान रेलवे ने उनकी उम्मीदवारी को यह कहते हुए रद्द कर दिया कि वे कट-ऑफ तिथि के भीतर सेवानिवृत्त नहीं हुए और आवेदन में गलत जानकारी दी है. इसके बाद प्रार्थी ने रेलवे के निर्णय को कैट में चुनाैती दी थी. कैट ने रविशंकर कुमार की याचिका खारिज करते हुए रेलवे के निर्णय को सही ठहराया था. याचिककर्ता रविशंकर कुमार ने कोर्ट में याचिका दायर कर कैट के आदेश को चुनाैती दी थी और अपनी नियुक्ति की मांग की थी.

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