श्री मुक्तसर साहिब: पंजाब सरकार की नीतियों के खिलाफ श्री मुक्तसर साहिब जिले में आज सरकारी मशीनरी का एक बड़ा हिस्सा ठप हो गया है। विभिन्न विभागों के अस्थायी कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है, जिसके कारण परिवहन से लेकर शिक्षा व्यवस्था तक प्रभावित हुई है। इस हड़ताल को संयुक्त किसान मोर्चा (SKM), ट्रेड यूनियनों और सीपीआईएम (CPIM) का भी पुरजोर समर्थन मिला है।
रोडवेज का चक्का जाम, यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें ‘पंजाब रोडवेज पनबस पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन’ के आह्वान पर आज जिले में सरकारी बसों के पहिए पूरी तरह थम गए हैं। यूनियन ने बुधवार दोपहर से ही लंबी दूरी की बसों को डिपो में वापस बुला लिया था। बसों के न चलने से आम यात्रियों, विशेषकर महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डिपो अध्यक्ष जगसीर सिंह माणक ने आरोप लगाया कि सरकार ‘स्पेशल कैडर पॉलिसी 2023’ के नाम पर कर्मचारियों को गुमराह कर रही है और 20 वर्षों से कार्यरत कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने में विफल रही है।
स्कूलों में चूल्हा बंद, मिड-डे मील वर्करों का हल्ला बोल हड़ताल का असर सरकारी स्कूलों में भी साफ दिख रहा है। मिड-डे मील वर्कर यूनियन की जिला महासचिव राजविंदर कौर ने बताया कि मात्र 3000 रुपये के मानदेय पर काम करना आर्थिक शोषण है। आज जिले के स्कूलों में खाना बनाने के काम का पूर्ण बहिष्कार किया गया है। कर्मचारी न्यूनतम मजदूरी कानून लागू करने की मांग को लेकर बस स्टैंड पर विशाल रैली कर रहे हैं।
नगर कौंसिल कर्मचारी भी शामिल मुक्तसर और मलोट में नगर कौंसिल के कर्मचारियों ने भी हड़ताल को अपना समर्थन दिया है, जिससे सफाई और अन्य नागरिक सुविधाएं प्रभावित होने की आशंका है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए पुलिस बल का प्रयोग कर रही है, लेकिन वे अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे।

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