Chandigarh Digital Arrest Scam: ₹9.51 लाख की ठगी, हावड़ा से साइबर ठग दबोचा गया

चंडीगढ़.

साइबर ठगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चंडीगढ़ पुलिस की साइबर अपराध थाना टीम ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 9.51 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी के मामले में पश्चिम बंगाल के हावड़ा से एक आरोपित को गिरफ्तार किया है।

आरोपित की पहचान 34 वर्षीय राज कुमार शाह के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, ठगी की पूरी रकम उसके बैंक खाते में पहुंची थी। यह कार्रवाई साइबर अपराध की पुलिस अधीक्षक गीतांजलि खंडेलवाल, आइपीएस के निर्देश पर, साइबर अपराध एवं सूचना प्रौद्योगिकी शाखा के पुलिस उपाधीक्षक के मार्गदर्शन तथा साइबर अपराध थाना प्रभारी की निगरानी में की गई।

मनी लॉन्ड्रिंग और मानव तस्करी में फंसाने की धमकी
पुलिस के अनुसार, चंडीगढ़ निवासी महिला ने शिकायत दी थी कि उसे साइबर ठग का फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को कानून प्रवर्तन एजेंसी से जुड़ा बताते हुए महिला पर मनी लॉन्ड्रिंग और मानव तस्करी में शामिल होने का झूठा आरोप लगाया। आरोपित ने महिला को कार्रवाई और गिरफ्तारी का डर दिखाकर मानसिक दबाव में ले लिया। कथित डिजिटल अरेस्ट के दौरान महिला से एक बैंक खाते में 9,51,347 रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। शिकायत के आधार पर साइबर अपराध थाने में एफआइआर नंबर 102, दिनांक 27 सितंबर 2024 दर्ज की गई। मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई।

रकम के लेन-देन से हावड़ा तक पहुंची पुलिस
जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और रकम के लेन-देन की कड़ी को खंगाला। मनी ट्रेल की जांच में सामने आया कि ठगी की रकम राज कुमार शाह के बैंक खाते में जमा हुई थी। इसके बाद पुलिस टीम ने तकनीकी जांच के आधार पर हावड़ा, पश्चिम बंगाल में दबिश दी और राज कुमार शाह को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में दूसरे व्यक्ति की भूमिका सामने आई
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपित ने कथित तौर पर इस अपराध में एक अन्य व्यक्ति के शामिल होने की जानकारी दी है। पुलिस अब दूसरे आरोपित की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच आगे बढ़ा रही है। गिरफ्तार आरोपित को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस मामले में पैसों के लेन-देन, आरोपितों के नेटवर्क और अन्य संभावित पीड़ितों के संबंध में भी जांच कर रही है।

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