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SGPC में बदला ड्रेस कोड: पश्चिमी कपड़ों को कहा अलविदा, अब दिखेगी सिख संस्कृति की झलक

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने अपने कर्मचारियों के लिए नया ड्रेस कोड लागू किया है। अब दफ्तरों में पैंट-शर्ट की जगह पारंपरिक कुर्ता-पजामा पहनना अनिवार्य होगा।

नई दिल्ली- सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने अपने दफ्तरों में ड्रेस कोड को लेकर बड़ा फैसला लिया है। कमेटी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने सभी कर्मचारियों के लिए पारंपरिक सिख पहनावे को अनिवार्य कर दिया है। नए निर्देशों के मुताबिक अब कोई भी कर्मचारी पैंट-शर्ट पहनकर ड्यूटी पर नहीं आएगा, बल्कि पजामा-कुर्ता पहनना जरूरी होगा।

सिख मर्यादा को प्राथमिकता
SGPC प्रबंधन का कहना है कि यह कदम सिख मर्यादा और परंपराओं की पालना सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। कमेटी का मानना है कि संस्था के दफ्तरों में सिख पहचान और संस्कृति की स्पष्ट झलक दिखनी चाहिए, खासकर तब जब देश-विदेश से बड़ी संख्या में संगत यहां पहुंचती है।

आदेशों का सख्ती से पालन
राजिंदर सिंह रूबी, जो स्वर्ण मंदिर के मैनेजर हैं, ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अध्यक्ष के आदेशों की सख्ती से पालना करवाई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी कर्मचारियों को नए ड्रेस कोड का पालन करना होगा। अध्यक्ष धामी ने चेतावनी दी है कि यदि कोई कर्मचारी इन निर्देशों की अनदेखी करता है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। SGPC का तर्क है कि धार्मिक संस्था की गरिमा, अनुशासन और पारंपरिक पहचान को बनाए रखने के लिए ऐसे निर्णय आवश्यक हैं।

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