नई दिल्ली: बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता राजपाल यादव की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में जेल की सजा काट रहे अभिनेता को गुरुवार (12 फरवरी) को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा। अदालत ने उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए किसी भी तरह की राहत देने से इनकार कर दिया और अभिनेता के ढुलमुल रवैये पर सख्त नाराजगी जताई।
‘तारीख पर तारीख, लेकिन भुगतान नहीं’ सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने राजपाल यादव के वकील को फटकार लगाते हुए कहा कि आपको कर्ज चुकाने के लिए 25-30 मौके दिए गए, लेकिन आपने हर बार आदेशों की अनदेखी की। कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा, “आपने खुद स्वीकार किया था कि पैसा उधार लिया है, फिर सालों तक भुगतान क्यों नहीं किया? अब सहानुभूति दिखाने का वक्त निकल चुका है, कानून अपना काम करेगा।”
शादी का हवाला भी नहीं आया काम राजपाल यादव के वकील ने कोर्ट में दलील दी कि वे 2.10 करोड़ रुपये बतौर सिक्योरिटी जमा करने को तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राजपाल के परिवार में शादी है, इसलिए उन्हें जमानत दी जाए। हालांकि, कोर्ट ने इस दलील को सिरे से खारिज करते हुए पूछा कि देरी क्यों हुई इसका स्पष्ट कारण दें। कोर्ट ने दो टूक कहा कि यदि पूरी रकम जमा करने की इच्छा है, तभी सुनवाई आगे बढ़ेगी।
क्या है ‘अता पता लापता’ का विवाद? यह पूरा विवाद साल 2010 का है, जब राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए दिल्ली के एक बिजनेसमैन से 5 करोड़ रुपये का लोन लिया था। फिल्म फ्लॉप होने के बाद वह कर्ज नहीं चुका पाए और ब्याज समेत यह राशि 9 करोड़ रुपये पहुंच गई। बार-बार कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने के चलते उन्हें सरेंडर करना पड़ा और फिलहाल वह तिहाड़ जेल में हैं।

TCS नासिक कांड: निदा खान की प्रेग्नेंसी का खुलासा, गिरफ्तारी से बचने के लिए रचा नया जाल
भारत ने अरब सागर में 400 किलोमीटर का नो फ्लाई जोन घोषित किया, ईरान युद्ध के बीच पाकिस्तान में खलबली
स्मृति ईरानी का अखिलेश यादव पर जवाब: ‘गोरखपुर से चुनाव लड़कर दिखाएं दम’
संसद में महिला आरक्षण पर सियासी झटका: संविधान संशोधन बिल गिरा, बहुमत से रह गया दूर