बिलासपुर.
छत्तीसगढ़ के इकलौते कोपरा रामसर स्थल के आसपास संचालित औद्योगिक गतिविधियों का पहली आधिकारिक रिपोर्ट सामने आई है। वन विभाग के प्राथमिक सर्वे में रामसर के 5 किलोमीटर के दायरे में दो कोल वाशरी और नी कोल डिपो का उल्लेख किया गया है।
यह रिपोर्ट जिला वेटलैंड समिति के माध्यम से राज्य सरकार को भेज दी गई है। अब दिल्ली और राज्य की संयुक्त टीम विस्तृत सर्वे कर मास्टर प्लान तैयार करेगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे संरक्षण और अन्य जरूरी कदमों पर निर्णय लिया जाएगा। करीब 210 हेक्टेयर (2.10 वर्ग किलोमीटर) में फैले कोपरा जलाशय को 7 महीने पहले रामसर का दर्जा मिला था। इसके बाद वन विभाग ने कैचमेंट क्षेत्र और आसपास की गतिविधियों का प्राथमिक सर्वे कराया।
रिपोर्ट में कोपरा, बेलमंडी, सैदा और संबलपुरी – बहतराई क्षेत्र में संचालित कोल वाशरी, कोल डिपो और अन्य गतिविधियों का विवरण शामिल किया गया है। विभाग के अनुसार ये क्षेत्र ऊंचाई पर स्थित हैं और बारिश का बहाव यहीं से जलाशय के कैचमेंट की ओर आता है।

मध्यप्रदेश को लारा परियोजना से मिलेगी 800 मेगावाट किफायती बिजली
‘छत्तीसकला’ में दिखा बिहान की दीदियों का हुनर, स्व-सहायता समूहों के उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय बना आकर्षण
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने नवीन ‘ई-ऊर्जा भवन’ का किया भूमि-पूजन
मध्यप्रदेश पहली बार करेगा एशियन वूमेंस हॉकी चैम्पियन्स ट्रॉफी-2026 की मेजबानी