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पश्चिम एशिया में युद्ध के बादल: प्रधानमंत्री मोदी ने बुलाई हाई-लेवल बैठक, 80 लाख भारतीयों की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती

पश्चिम एशिया संकट को लेकर भारत अलर्ट। प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में आज रात सुरक्षा समिति की बैठक, 80 लाख भारतीयों की सुरक्षा पर फैसला।

नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में तेजी से बिगड़ते हालात को देखते हुए केंद्र सरकार ने उच्चस्तरीय समीक्षा का फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिल्ली लौटते ही आज रात साढ़े नौ बजे कैबिनेट की सुरक्षा मामलों की समिति (CCS) की अहम बैठक आयोजित की जाएगी। सरकार क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और संभावित प्रभावों का आकलन कर रही है।

खाड़ी में 80 लाख से अधिक भारतीय, एडवाइजरी जारी
खाड़ी देशों में 80 लाख से ज्यादा भारतीय नागरिक रहते हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक और छात्र भी ईरान समेत कई देशों में मौजूद हैं। मौजूदा तनाव को देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है और दूतावासों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। सरकार की प्राथमिकता सभी भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

बैठक में गृह मंत्री Amit Shah, विदेश मंत्री S. Jaishankar, वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman, रक्षा मंत्री Rajnath Singh, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार Ajit Doval सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।

आर्थिक असर और ऊर्जा चुनौती
पश्चिम एशिया की अस्थिरता का असर भारत की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होने और कीमतों में उछाल की आशंका के बीच सरकार वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर भी विचार कर रही है। हाल के महीनों में भारत ने रूस से कच्चे तेल के आयात में कुछ कमी की है, ऐसे में ऊर्जा सुरक्षा को लेकर नई रणनीति बनाना जरूरी हो गया है। ईरान–इजरायल तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्ग भी प्रभावित हुए हैं। भारत से संचालित कई उड़ानों के रूट बदले गए हैं या उन्हें अस्थायी रूप से रद्द किया गया है। इससे यात्रियों और एयरलाइंस दोनों पर असर पड़ा है।

नागरिकों की सुरक्षित वापसी पर मंथन
भारत पहले भी संघर्षग्रस्त क्षेत्रों से अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए विशेष अभियान चला चुका है। मौजूदा हालात में भी सरकार संभावित निकासी योजनाओं और आपातकालीन व्यवस्थाओं पर विचार कर सकती है। माना जा रहा है कि CCS बैठक में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा होगी।

प्रधानमंत्री हाल ही में इजरायल दौरे से लौटे हैं। इसके बाद उन्होंने राजस्थान, गुजरात, तमिलनाडु और पुड्डुचेरी का दौरा किया। दो दिवसीय कार्यक्रमों के बाद आज रात दिल्ली पहुंचकर वे सीधे सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। सरकार का संदेश साफ है—क्षेत्र में शांति और स्थिरता की अपील के साथ-साथ हर भारतीय नागरिक की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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