राज्यमध्य प्रदेश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव: सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से सार्वजनिक प्याऊ किए जाएं शुरू

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव: शहरों और गांवों में लोगों को पीने का पानी मिलना सुनिश्चित करें

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पेयजल व्यवस्था के बारे में जानकारी लेकर दिखाई दी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त पेयजल व्यवस्था होनी चाहिए। सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से सार्वजनिक प्याऊ बनाकर राहगीरों को भी पीने का पानी मिलेगा। शहरों में प्रत्येक गांव में पेयजल की उपलब्धता, पानी की टंकियों की सफाई और व्यवस्थित पेयजल वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित करें। ग्रामीण क्षेत्रों में नल-जल योजनाओं का कार्यान्वयन लाभदायक होगा। हर घर में टोंटी से जल उपलब्ध कराया जाए। जिन क्षेत्रों में पेयजल की कमी है, वहां स्थानीय निकाय और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग मिलकर नागरिकों को मदद करें। सोमवार को समत्व भवन, यानी मुख्यमंत्री निवास, में एक बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पेयजल व्यवस्थाओं की समीक्षा की। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्रीमती संपतिया उइके, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के जनजातीय बहुल क्षेत्रों में धरती आबा उत्कर्ष अभियान में अन्य विभागों के सहयोग से पेयजल प्रबंधन के काम भी किए जाएंगे। ​अन्य गांवों में, जल जीवन मिशन और एकल ग्राम नल-जल योजना के तहत हर घर जल घोषित गांवों में पेयजल की सभी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। पेयजल प्रदान करने के साथ-साथ स्वच्छता अभियान भी चलाए जाएं। पेयजल प्रदाय में भी पंचायत एवं ग्रामीण विकास और कृषि विभाग के अमले का सहयोग लिया जाएगा। पंचायतों और नगरीय निकायों के प्रतिनिधियों द्वारा पेयजल उपलब्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। मुमुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश को देश में मॉडल बनाने के लिए पेयजल के साथ स्वच्छता के कायों को पूरा किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से जल गंगा जल संवर्धन अभियान में सक्रिय भागीदारी की उम्मीद की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में अनुपयोगी हैंडपम्पों को उपयोगी बनाने के लिए रिचार्ज करने की योजना भी लागू की जाएगी।

बैठक में बताया गया कि राज्य में जल जीवन मिशन की शुरुआत से लेकर अब तक 62 लाख 71 हजार 124 कनेक्शन बनाए गए हैं। यह राज्य के 11 लाख 80 हजार 901 घरों का 63.83 प्रतिशत है। 16 मार्च 2025 तक, राज्य में 76 लाख 24 हजार 275 घरों में नलकूप कनेक्शन स्थापित हो चुके हैं, जो 68.19 प्रतिशत है। प्रदेश में 147 समूह नल जल योजनाओं से 23 164 ग्राम और 27 990 ग्राम एकल ग्राम नल जल योजनाओं से लाभ मिल रहा है। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग हैंडपम्पों का संचालन करता है, जबकि नल जल योजनाओं का संचालन संबंधित ग्राम पंचायतों द्वारा किया जाता है। प्रदेश में 5 लाख 62 हजार 776 हैंडपम्प पेयजल प्रदान करने में सहभागी हैं।

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