सीएम भगवंत सिंह मान: जनता की सुविधा के लिए मान सरकार ने लगातार नई नीतियां बनाई हैं।
जिसका नेतृत्व पंजाब के सीएम भगवंत सिंह मान ने किया है, मान सरकार, आम जनता की सुविधा के लिए लगातार नई नीतियां बनाती रहती हैं, जिससे राज्य की बड़ी आबादी को लाभ मिलता है। पंजाब सरकार की नीतियों से सरकारी कार्यों में पारदर्शिता बढ़ी है और दफ्तरों में व्याप्त भ्रष्टाचार को कम किया गया है। मान सरकार की योजनाओं से न केवल धन बचता है, बल्कि लोगों का समय बचता है। ‘रंगला पंजाब’ का सपना साकार होने के लिए पंजाब सरकार की जनकल्याण योजनाएं अब देश भर में मिसाल बन रही हैं।
पंजाब के सीएम भगवंत सिंह मान ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ‘सरकार तुहाड़े द्वार योजना’ शुरू की। इस योजना से पंजाबवासियों को अब 43 सरकारी कार्यों या दस्तावेज़ों के लिए दफ्तरों का दौरा नहीं करना पड़ेगा। इसका सीधा लाभ यह है कि लोगों को समय और पैसा बचाता है।
क्या सरकार का तुहाड़े द्वार कार्यक्रम है?
सरकार तुहाड़े द्वार योजना के तहत सेवा केंद्र से जुड़ी 43 सेवाओं का लाभ उठाना चाहने वाले व्यक्ति को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे के बीच हेल्पलाइन नंबर 1076 पर फोन करना होगा। इसके बाद, आवेदन जिला स्तर पर फोन पर भेजा जाएगा। पंजाब के हर जिले में सेवा केंद्र हैं, जहां प्रशिक्षित कर्मचारी तैनात हैं।
दस्तावेज़ घर पहुंचने का तरीका
इलाका आधारित सेवा सहायकों को सभी आवेदन भेजे जाते हैं, जो संबंधित व्यक्तियों से फोन पर संपर्क करके उनके घर जाकर सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करते हैं। इसके बाद, आवश्यक काम का ई-सर्टिफिकेट जारी किया जाता है, साथ ही डाक से हार्ड कॉपी भी भेजी जाती है।
क्या सेवाएं उपलब्ध हैं?
इस योजना के तहत पंजाब में 43 प्रकार के दस्तावेज़ बनाए जा रहे हैं: जन्म और मृत्यु प्रमाण-पत्र, आय प्रमाण-पत्र, रिहाइश प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण-पत्र, पेंशन प्रमाण-पत्र, बिजली बिलों की अदायगी, वृद्धा पेंशन, दिव्यांग पेंशन और रेवेन्यू रिकॉर्ड की जांच।



