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कोविड वॉलंटियर्स की बल्ले-बल्ले: सरकारी नौकरी में मिलेंगे 10 बोनस अंक, पंजाब कैबिनेट का बड़ा फैसला

पंजाब कैबिनेट ने नई आबकारी नीति को मंजूरी दी। राजस्व लक्ष्य 12,800 करोड़ रखा गया। कोविड वॉलंटियर्स को भर्ती में मिलेंगे 10 एक्स्ट्रा अंक और किसानों को मिलेगा बाढ़ मुआवजा।

चंडीगढ़ : पंजाब सरकार ने राज्य की नई एक्साइज पॉलिसी (आबकारी नीति) को मंजूरी दे दी है, जिससे शराब के शौकीनों को बड़ी राहत मिली है। इस साल राज्य में शराब के दामों में कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कैबिनेट बैठक के बाद लिए गए अहम फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार के राजस्व में शानदार बढ़ोतरी हुई है और नई नीति से इसे और बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। आबकारी नीति के अलावा, कैबिनेट ने किसानों के मुआवजे, उद्योगों के लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) स्कीम के विस्तार और स्वास्थ्य विभाग में भर्तियों को लेकर भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।

आबकारी नीति से बढ़ा राजस्व, 12 हजार 800 करोड़ का नया लक्ष्य

मंत्री हरपाल चीमा ने बताया कि वर्ष 2022-23 में जब मौजूदा सरकार सत्ता में आई थी, तब पंजाब का आबकारी राजस्व केवल 6200 करोड़ रुपये था। सरकार की पारदर्शी नीतियों के चलते आज यह आंकड़ा बढ़कर 11 हजार 20 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। पूरे साल के दौरान किसी भी ठेकेदार की किश्त में कोई देरी नहीं हुई। अब आगामी वित्तीय वर्ष के लिए रेवेन्यू का नया लक्ष्य 12 हजार 800 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। नई नीति के तहत ठेकेदार 6.5 प्रतिशत अतिरिक्त राशि जमा करके अपने मौजूदा ग्रुप का रिन्यूअल करवा सकेंगे। इसके साथ ही पहली बार राज्य में सिंगल माल्ट बनाने की यूनिट लगाने को भी मंजूरी दी गई है, जबकि पहले केवल बोटलिंग की ही अनुमति थी। सरकार ने इस बार देसी शराब के कोटे में भी तीन फीसदी का इजाफा किया है।

उद्योगों को बड़ी राहत और किसानों को मिलेगा बाढ़ का रुका हुआ मुआवजा

कैबिनेट ने पंजाब लघु उद्योग एवं निर्यात निगम (पीएसआईईसी) के तहत उद्योग जगत को राहत देते हुए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) स्कीम की मियाद बढ़ाने का बड़ा फैसला किया है। पहले इस योजना की अंतिम तिथि 13 फरवरी 2025 निर्धारित थी, जिसे अब बढ़ाकर 30 जून 2026 कर दिया गया है। इसके अलावा, बाढ़ से प्रभावित किसानों की लंबे समय से चली आ रही मांग को भी पूरा किया गया है। फिरोजपुर में 5200, फाजिल्का में 3000 और अमृतसर में 2800 एकड़ ऐसी सरकारी जमीन है जिस पर किसान लंबे समय से खेती कर रहे हैं। वर्ष 2015 में गिरदावरी सरकार के नाम पर हो जाने के कारण इन किसानों को बाढ़ का मुआवजा मिलने में दिक्कत आ रही थी। अब सरकार ने तय किया है कि सरपंच, पंच या पटवारी की एक कमेटी यह प्रमाणित करेगी कि जमीन पर वास्तव में कौन खेती कर रहा है, जिसके आधार पर सीधे पीड़ित किसानों को मुआवजा राशि जारी की जाएगी।

कोविड वॉलंटियर्स को नौकरी में विशेष छूट और नई भर्तियों को हरी झंडी

कोरोना महामारी के मुश्किल दौर में अपनी जान जोखिम में डालकर सेवाएं देने वाले पैरा मेडिकल और नर्सिंग वॉलंटियर्स को भी पंजाब सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने फैसला किया है कि कोविड के दौरान सेवाएं देने वाले इन वॉलंटियर्स को भविष्य में निकलने वाली सरकारी भर्तियों में विशेष वरीयता दी जाएगी। नियमों के मुताबिक, जिन वॉलंटियर्स ने एक साल से कम समय तक सेवा दी है, उन्हें भर्ती प्रक्रिया में पांच अतिरिक्त अंक मिलेंगे, जबकि एक साल से अधिक सेवा देने वालों को दस अतिरिक्त अंकों का लाभ दिया जाएगा। इसके साथ ही, स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए कैबिनेट ने ग्रुप सी नर्सिंग स्टाफ के 361 नए पदों को भरने की आधिकारिक मंजूरी भी दे दी है। इसके अतिरिक्त, पंजाब योजनाबंदी विभाग में आर्थिक नीति व योजना बोर्ड के दो अहम पदों को भी भरा जाएगा ताकि राज्य में विकास नीतियों को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।

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