राज्यपंजाब

केंद्र ने पुराना नोटिफिकेशन वापस लेकर गुमराह करने के लिए उसी दिन एक नया धोखाधड़ी वाला नोटिफिकेशन किया जारी – मलविंदर कंग!

भाजपा की तानाशाही चालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, पंजाबी केंद्र के तानाशाहों के आगे कभी नहीं झुकेंगे - कंग !

 

आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद मलविंदर सिंह कंग ने बुधवार को भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर “पंजाब यूनिवर्सिटी और पंजाब की स्वायत्तता को कमजोर करने की गैर-कानूनी और असंवैधानिक कोशिश” के लिए तीखा हमला बोला।

कंग ने खुलासा किया कि केंद्र ने 4 नवंबर, 2025 को एक नया नोटिफिकेशन जारी किया, जिसमें पंजाब यूनिवर्सिटी संबंधी 28 अक्टूबर के अपने पुराने नोटिफिकेशन को वापस ले लिया गया, जो 30 अक्टूबर से लागू होना था, लेकिन धोखे से उसी दिन एक नया नोटिफिकेशन दोबारा जारी कर दिया। कंग ने कहा कि मिनटों के भीतर, केंद्र ने उसी तारीख के साथ एक और नोटिफिकेशन जारी किया, जिसमें सिर्फ यह कहा गया कि जब भी भारत सरकार फैसला लेगी तब पहले वाला नोटिफिकेशन लागू होगा। यह एक मज़ाक और पंजाबियों की भावना को परखने की जानबूझकर की गई कोशिश के अलावा और कुछ नहीं है।

‘आप’ सांसद ने कहा कि केंद्र सरकार के पास पंजाब यूनिवर्सिटी से संबंधित कोई भी नोटिफिकेशन जारी करने का कोई संवैधानिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि यह पंजाब के अधिकारों पर सीधा हमला है, और एक गैर-कानूनी व असंवैधानिक कार्रवाई है। भाजपा पंजाबियों की भावनाओं के साथ खेलने की कोशिश कर रही है। लेकिन मैं यह स्पष्ट कर दूं कि पंजाबी कभी भी केंद्र की धक्केशाही या तानाशाही के आगे नहीं झुकेंगे।

कंग ने दोहराया कि पंजाब सरकार का स्टैंड दृढ़ है, गैर-कानूनी नोटिफिकेशन वापस लिया जाना चाहिए, और पंजाब यूनिवर्सिटी के सीनेट चुनावों का शेड्यूल तुरंत जारी किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक ये दोनों मांगें पूरी नहीं हो जातीं।

उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब सरकार राज्य के अधिकारों की रक्षा के लिए हर उपलब्ध रास्ते, चाहे वो विधायी, कानूनी और संवैधानिक हो का उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। कंग ने कहा कि हम इस मुद्दे को पंजाब विधानसभा में लेकर जाएंगे और इस गैर-कानूनी नोटिफिकेशन को रद्द करेंगे। भाजपा की गुंडागर्दी, दादागिरी और तानाशाही पंजाब में कभी भी सफल नहीं होगी।

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