हरियाणा में विकास को मिलेगी नई रफ्तार, ऑस्ट्रेलिया से साझेदारी और गांवों में खुलेंगे 582 नॉलेज सेंटर

चंडीगढ़
हरियाणा में हाल ही में सरकार ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं और प्रदेश ने कई मामलों में बड़ी कामयाबी हासिल की है। इसी क्रम में इस आर्टिकल के जरिए हम हाल ही में हुए घटनाक्रमों का जिक्र करेंगे और उनके बारे में विस्तार से बात करेंगे।

सितंबर महीने के शुरुआत में चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और भारत में ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल के बीच एक अहम बैठक की।

इस बैठक में दोनों पक्षों ने शिक्षा, कौशल विकास, आधुनिक कृषि, खेल और पर्यटन में तकनीकी और रणनीतिक साझेदारी बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की।

इस मीटिंग का उद्देश्य राज्य के युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कौशल और रोजगार के नए अवसर तैयार करना और कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों का आदान-प्रदान करना रहा।

फरीदाबाद ने हासिल की 14वीं रैंक
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा जारी 'स्वच्छ वायु सर्वेक्षण' की राष्ट्रीय रैंकिंग में हरियाणा के फरीदाबाद शहर ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए देश भर में चौदहवां स्थान हासिल किया। यह उपलब्धि शहर में प्रदूषण नियंत्रण उपायों, धूल प्रबंधन और वायु गुणवत्ता सुधार के निरंतर प्रयासों का परिणाम है।

अल्पसंख्यक आयोग विधेयक को मंजूरी
सितंबर महीने में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में राज्य अल्पसंख्यक आयोग विधेयक को औपचारिक मंजूरी दी गई।

इसका उद्देश्य प्रदेश में अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों का संरक्षण करना, उनके कल्याणकारी कार्यक्रमों की निगरानी करना और शिकायतों का कम समय में निवारण सुनिश्चित करना है।

ग्रामीण बुनियादी ढांचे को डिजिटल युग के अनुसार बनाने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 582 विलेज नॉलेज सेंटर (Village Knowledge Centres) स्थापित करने की एलान किया।

इसमें कुल 514 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। विलेज नॉलेज सेंटर के जरिए गांवों में उच्च गति की डिजिटल कनेक्टिविटी, युवाओं के लिए ई-लाइब्रेरी, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और डिजिटल सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

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