गोरखपुर
सीएम योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखनाथ मंदिर में फरियादियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। गोरखपुर प्रवास के तीसरे दिन बुधवार को गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में सीएम योगी ने कहा कि मामलों का निस्तारण 15 दिन के अंदर करें। इसके साथ ही पीड़ित से फीडबैक भी लें। कहा कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। जमीन विवाद को लेकर आए फरियादियों को सुन दबंगों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए। इसके साथ ही इलाज के लिए आए लोगों को आश्वासन दिया कि सभी का इलाज होगा। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया कि एस्टीमेट मंगवाएं ताकि धन उपलब्ध कराया जा सके। जनता दर्शन में सीएम ने 200 से अधिक लोगों की फरियाद सुनी और कहा कि किसी को भी चिंता करने की जरूरत नहीं, हर समस्या का समाधान होगा।
बता दें कि सीएम योगी जब कभी गोरखपुर में होते हैं तो वह गोरखनाथ मंदिर परिसर में सुबह फरियादियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनते और समाधान के निर्देश देते हैं। मंगलवार को भी उन्होंने फरियादियों से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को जनशिकायतों के समाधान के निर्देश दिए थे। सीएम योगी ने कहा था कि समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से जनशिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित करें। इसमें किसी तरह की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। सीएम योगी ने फरियाद लेकर आए लोगों को आश्वस्त किया कि किसी को भी चिंता करने की जरूरत नहीं है, हर समस्या का समाधान होगा।
अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र नागरिक तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। समाज के हर जरूरतमंद के लिए आवास से लेकर इलाज तक, बिटिया की पढ़ाई, विवाह से लेकर निराश्रित, बुजुर्ग के पेंशन तक सरकार की अनेक योजनाएं हैं। सभी पात्र लोगों से आवेदन कराकर इन योजनाओं का लाभ उन तक पहुंचाया जाए। साथ ही जनशिकायतों के निस्तारण में कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। कहा कि भूमाफिया की पहचान कर उन्हें सूचीबद्ध करें और केस दर्ज कर जेल भेजें। इलाज के लिए मदद की गुहार लेकर पहुंचे लोगों को मुख्यमंत्री ने भरपूर सहायता देने का आश्वासन दिया। इस संदर्भ में अधिकारियों से एस्टीमेट उपलब्ध कराने को कहा।

बिहार में डिजिटल रजिस्ट्री का बढ़ा चलन, नालंदा में रोज हो रही 110 दस्तावेजों की रजिस्ट्री
महंगे ठेकों की भरपाई के लिए गुजरात पहुंच रही करोड़ों की शराब, रोजाना 10 ट्रकों की आवाजाही
हाई कोर्ट के आदेश के 3 साल बाद भी मुआवजे का इंतजार, परेशान हो रहे मजदूरों के परिजन
आय से अधिक संपत्ति का मामला, पूर्व संयुक्त संचालक सुनीता सिंह पर लोकायुक्त का शिकंजा