ब्रिटेन की राजनीति में ‘एपस्टीन सुनामी’: पीएम कीर स्टार्मर की कुर्सी खतरे में, भरोसेमंद रणनीतिकार का इस्तीफा

ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की 18 महीने पुरानी लेबर सरकार इस समय अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही है। कुख्यात अपराधी जेफरी एपस्टीन (Jeffrey Epstein) से जुड़े सनसनीखेज खुलासों ने न केवल सरकार की साख को मिट्टी में मिला दिया है, बल्कि स्टार्मर के राजनीतिक भविष्य पर भी 'इस्तीफे' की तलवार लटका दी है।

लंदन/नई दिल्ली: ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की 18 महीने पुरानी लेबर सरकार इस समय अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही है। कुख्यात अपराधी जेफरी एपस्टीन (Jeffrey Epstein) से जुड़े सनसनीखेज खुलासों ने न केवल सरकार की साख को मिट्टी में मिला दिया है, बल्कि स्टार्मर के राजनीतिक भविष्य पर भी ‘इस्तीफे’ की तलवार लटका दी है।

पीटर मैंडेलसन: वो नियुक्ति जो स्टार्मर के लिए काल बनी

विवाद की जड़ में हैं पीटर मैंडेलसन, जिन्हें स्टार्मर ने 2024 में अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत नियुक्त किया था। जनवरी 2026 में सामने आए अमेरिकी दस्तावेजों ने चौंकाने वाला खुलासा किया:

सरकार का दाहिना हाथ गिरा: मॉर्गन मैकस्वीनी का इस्तीफा

प्रधानमंत्री स्टार्मर को सबसे बड़ा झटका 8 फरवरी 2026 को लगा, जब उनके ‘चाणक्य’ कहे जाने वाले चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। मैकस्वीनी वही व्यक्ति थे जिन्होंने मैंडेलसन की नियुक्ति की वकालत की थी। अपने इस्तीफे में उन्होंने स्वीकार किया कि यह निर्णय एक “ऐतिहासिक भूल” थी, जिसने ब्रिटिश लोकतंत्र की शुचिता को चोट पहुँचाई है। मैकस्वीनी के जाने से स्टार्मर सत्ता के गलियारों में अकेले पड़ गए हैं।

छापेमारी और कानूनी घेराबंदी

ब्रिटिश जांच एजेंसियां अब इस ‘नेक्सस’ को तोड़ने के लिए कमर कस चुकी हैं:

PM स्टार्मर की भावुक माफी और डैमेज कंट्रोल

बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने सार्वजनिक रूप से हाथ जोड़कर एपस्टीन के पीड़ितों से माफी मांगी है। उन्होंने कहा, “मैंडेलसन ने अपनी पिछली गतिविधियों को लेकर मुझसे झूठ बोला।” पारदर्शिता का हवाला देते हुए पीएम ने नियुक्ति से जुड़े सभी गोपनीय दस्तावेज सार्वजनिक करने का वादा किया है, लेकिन विपक्ष इसे डूबती नैया बचाने की नाकाम कोशिश बता रहा है।

क्या गिर जाएगी स्टार्मर सरकार?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि स्टार्मर अब ‘डेड एंड’ पर हैं:

  1. पार्टी के भीतर बगावत: लेबर पार्टी के कई सांसद अब नेतृत्व परिवर्तन (Leadership Change) की खुली मांग कर रहे हैं।

  2. विपक्ष का हमला: विपक्षी दल इसे प्रधानमंत्री की व्यक्तिगत और नैतिक विफलता बता रहे हैं।

  3. आर्थिक संकट: लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था के बीच इस घोटाले ने जनता का सरकार से मोहभंग कर दिया है।

क्या कीर स्टार्मर एपस्टीन विवाद के चलते पद गंवाने वाले ब्रिटेन के पहले प्रधानमंत्री बनेंगे? अगले कुछ हफ्ते ब्रिटिश लोकतंत्र के लिए निर्णायक होने वाले हैं।

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