जगदलपुर.
डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में इसी सत्र से पैरामेडिकल के डिप्लोमा और डिग्री पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। पहले चरण में 90 सीटों पर विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा, जिसमें सीटी स्कैन, एक्स-रे, एमआरआई और ऑपरेशन थिएटर जैसे क्षेत्र शामिल होंगे।
खास बात यह है कि प्रशिक्षण केवल किताबों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विद्यार्थियों को आधुनिक चिकित्सा उपकरणों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण भी मिलेगा। शरीर रचना विज्ञान, शरीर क्रिया विज्ञान, पैथोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री जैसे विषय भी पाठ्यक्रम का हिस्सा होंगे। पैरामेडिकल स्टाफ अस्पताल की वह महत्वपूर्ण कड़ी है, जिसके बिना आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था पूरी नहीं हो सकती। मरीज की जांच से लेकर रिपोर्ट तैयार करने और ऑपरेशन थिएटर तक इनकी भूमिका अहम रहती है।
पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद सरकारी सेवा में नियमित नियुक्ति का अवसर युवाओं के लिए इसे और आकर्षक बना रहा है। स्थानीय युवाओं को स्वास्थ्य क्षेत्र में करियर के लिए बस्तर से बाहर जाने की जरूरत भी कम होगी। इससे एक तरफ युवाओं को रोजगार का रास्ता मिलेगा तो दूसरी तरफ बस्तर के अस्पतालों को प्रशिक्षित तकनीकी मानव संसाधन मिल सकेगा। यानी डिमरापाल में शुरू होने वाला पैरामेडिकल पाठ्यक्रम शिक्षा के साथ रोजगार और स्वास्थ्य व्यवस्था, तीनों मोर्चों पर बड़ा बदलाव ला सकता है।

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