चंडीगढ़
हरियाणा में नकली दवाओं के कारोबार पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफडीए) ने बड़ा शिकंजा कसते हुए राज्य को इस तरह की अवैध गतिविधियों के खिलाफ सबसे सक्रिय राज्यों में शामिल कर दिया है।
औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत चलाए जा रहे विशेष अभियान में अब तक 16 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें 12 गिरफ्तारियां गुरुग्राम में हुई हैं, जहां अंतरराज्यीय नकली दवा सिंडिकेट का पर्दाफाश कर करीब 70 लाख रुपये की नकली दवाएं और 323 प्रकार की एलोपैथिक दवाएं बरामद की गई हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. सुमिता मिश्रा के निर्देश पर राज्यभर में खुफिया सूचनाओं के आधार पर निगरानी, छापेमारी और सैंपलिंग अभियान तेज किए गए हैं। राज्य औषधि नियंत्रक रिपन मेहता ने सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को दोषियों के खिलाफ त्वरित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
अप्रैल 2026 में एफडीए गुरुग्राम ने नकली मौनजारो इंजेक्शन रैकेट का भंडाफोड़ कर डीएलएफ फेज-4 और सेक्टर-69 से करीब 70 लाख रुपये के नकली इंजेक्शन जब्त किए। जुलाई में नकली टेल्मा-एएम गोलियों के अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा हुआ, जिसकी जांच के दौरान तोफाजैक 5 एमजी जैसे अन्य संदिग्ध उत्पाद भी सामने आए।
एफडीए हरियाणा और दिल्ली की संयुक्त कार्रवाई में दिल्ली के एक अवैध परिसर से बड़ी मात्रा में नकली एनाबालिक स्टेरायड सहित 323 प्रकार की दवाएं बरामद की गईं। विभाग ने 23 हजार आर-जारा डीएसआर कैप्सूल भी जब्त किए हैं।

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