गुरुग्राम.
पुराने गुरुग्राम में मेट्रो विस्तार परियोजना के निर्माण कार्य ने शुक्रवार देर रात महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर लिया। साइबर पार्क के नजदीक पिलर नंबर 26/27 पर 160 टन वजनी पहले यू-गर्डर को 400 और 600 टन क्षमता वाली हाइड्रोलिक क्रेनों की मदद से सफलतापूर्वक लिफ्ट कर स्थापित किया गया।
प्रदेश के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने विधिवत पूजन कर यू-गर्डर लिफ्टिंग कार्य का शुभारंभ किया। इसके साथ ही मेट्रो कारिडोर के ऊपरी ढांचे के निर्माण की प्रक्रिया भी धरातल पर शुरू हो गई।
सुरक्षा प्रोटोकॉल का विशेष ध्यान रखा
यू-गर्डर की लिफ्टिंग के दौरान निर्धारित तकनीकी मानकों और सुरक्षा प्रोटोकॉल का विशेष ध्यान रखा गया। भारी-भरकम यू-गर्डर को क्रेनों की सहायता से धीरे-धीरे उठाकर निर्धारित स्थान पर स्थापित किया गया। इस दौरान निर्माण एजेंसी की तकनीकी टीम और विशेषज्ञ पूरी प्रक्रिया की निगरानी करते रहे। मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि पहले यू-गर्डर का सफलतापूर्वक स्थापित होना गुरुग्राम मेट्रो विस्तार परियोजना के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अब निर्माण कार्य ने जमीनी स्तर पर नए चरण में प्रवेश किया है। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम की बढ़ती आबादी और यातायात दबाव को देखते हुए आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। परियोजना में निर्माण की गति के साथ गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
सेक्टर-33 में तैयार हो रहे यू-गर्डर
मेट्रो परियोजना के लिए यू-गर्डर का निर्माण सेक्टर-33 स्थित नाहरपुर रूपा के विशेष प्रीकास्ट कास्टिंग यार्ड में किया जा रहा है। प्रत्येक यू-गर्डर की लंबाई करीब 28 मीटर और चौड़ाई 5.05 मीटर है। एक गर्डर में करीब 16 टन रिइनफोर्समेंट स्टील और लगभग 60 घन मीटर एम-60 ग्रेड कंक्रीट का इस्तेमाल किया जाता है। यही यू-गर्डर मेट्रो वायाडक्ट के ऊपरी ढांचे का हिस्सा बनेंगे और इनके ऊपर ट्रैक बिछाए जाएंगे। एक यू-गर्डर का वजन करीब 160 टन होने के कारण इसे निर्माण स्थल तक पहुंचाना और स्थापित करना चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया है। इसके लिए कास्टिंग यार्ड से गर्डर को करीब 40 मीटर लंबे मल्टी-एक्सल ट्रेलर और पुलर असेंबली के माध्यम से निर्माण स्थल तक पहुंचाया जाता है। इसके बाद भारी क्षमता वाली हाइड्रोलिक क्रेनों से इसकी लिफ्टिंग की जाती है। पूरी प्रक्रिया के लिए पहले से रूट प्लानिंग, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाती है।
पुराने गुरुग्राम को मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी
मेट्रो विस्तार परियोजना को शहर में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम परियोजना माना जा रहा है। मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से पुराने गुरुग्राम के विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इससे रोजाना आवागमन करने वाले हजारों लोगों को तेज, सुविधाजनक और भरोसेमंद सार्वजनिक परिवहन विकल्प मिलने की उम्मीद है। इस अवसर पर गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड के निदेशक (परियोजना एवं योजना) एसआर सांगवा, निदेशक (रोलिंग स्टाक एवं इलेक्ट्रिकल) राजेश चतुर्वेदी, निदेशक (वित्त) रजत वर्मा, चीफ आर्किटेक्ट नम्रता कलसी, डीजीएम मधुर गोयल, निगम पार्षद कुलदीप यादव समेत निर्माण एजेंसी के अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और कर्मचारी मौजूद रहे। बता दें कि ओल्ड गुरुग्राम में दो चरण में मेट्रो का विस्तार होना है। पहले चरण का काम चल रहा है। पहले चरण के अंतर्गत मिलेनियम सिटी गुरुग्राम मेट्रो स्टेशन से लेकर सेक्टर-9 तक मेट्रो प्रोजेक्ट का विस्तार होना है। दूसरे चरण के टेंडर की प्रक्रिया अगले सप्ताह शुरू होने की उम्मीद है। इसके लिए तैयारी पूरी हो चुकी है। दूसरे चरण के दौरान सेक्टर-9 से लेकर साइबर हब तक मेट्रो कारिडोर का विस्तार किया जाएगा।

त्यौहारों के मौसम में बांधवगढ़ के वन्यप्राणी भी मना रहे उत्सव
दीपावली पर सभी व्यवस्थाएं रहें चाक-चौबंद : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
ग्रामीणों की सम्पत्ति की नि:शुल्क रजिस्ट्री के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का माना आभार
नर्मदापुरम पुलिस ने सराफा व्यापारी को बेसमेंट में बंद कर आभूषण चोरी करने वाली महिला को 24 घंटे में किया गिरफ्तार