पटना
13 जनवरी 2023 को भारत में निर्मित दुनिया के जिस सबसे लंबे रिवर क्रूज गंगा विलास का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में शुभारंभ किया था वह यूरोपीय देशों के यात्रियों को लेकर मंगलवार को पटना पहुंचा।
इसे भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आइडब्लूएआइ) के गायघाट स्थित बंदरगाह से पूरब स्थित मीतन घाट पर गंगा में रोका गया है। क्रूज की छत से विदेशी यात्री भद्रघाट में विजयदशमी पर किए जा रहे प्रतिमा विसर्जन और श्रद्धालुओं की भीड़ को दूरबीन से देखते रहे।
यूरोप देशों के पंद्रह पर्यटक सवार
आइडब्लूएआइ के निदेशक अरविंद कुमार ने बताया कि गंगा स्थित अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग संख्या एक में यात्री एवं मालवाहक जहाजों का परिचालन बढ़ा है। कोलकाता से पटना पहुंचे गंगा विलास क्रूज पर यूरोप देशों के पंद्रह पर्यटक सवार हैं
गुरुवार को यह क्रूज पर्यटकों को लेकर वाराणसी के लिए रवाना होगा। रास्ते में पर्यटकों को बिहार की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा।
क्रूज में पांच सितारा होटल जैसी सुविधाओं
उन्होंने बताया कि दिसंबर तक यह क्रूज विदेशी पर्यटकों को लेकर कोलकाता, पटना, वाराणसी तक कई बार आवाजाही करेगा। पांच सितारा होटल जैसी सुविधाओं से सुसज्जित गंगा विलास में 50 यात्रियों के रहने की व्यवस्था है।
यह क्रूज उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और असम होते हुए गंगा में विकसित अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग के रास्ते बांग्लादेश व डिब्रूगढ़ तक की लगभग 3200 किलोमीटर की यात्रा नदी मार्ग से करने वाला विश्व का सबसे लंबा जहाज है।

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