
चंडीगढ़/मसौल : पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने शनिवार को मोहाली के गांव मसौल स्थित सरकारी स्कूल का दौरा कर वहां हुए अभूतपूर्व बदलावों को जनता के सामने रखा। चंडीगढ़ सचिवालय से महज 20 मिनट की दूरी पर स्थित यह स्कूल कभी अपनी जर्जर इमारत और खराब व्यवस्था के कारण मीडिया में नकारात्मक चर्चा का विषय रहता था, लेकिन आज यह मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की ‘शिक्षा क्रांति’ का चमकता हुआ चेहरा बन गया है।
दो साल पहले की दयनीय स्थिति का जिक्र शिक्षा मंत्री ने पुरानी यादें साझा करते हुए बताया कि दो साल पहले जब उन्होंने यहाँ का दौरा किया था, तो स्थिति विचलित करने वाली थी। उन्होंने कहा, “मैं इस स्कूल में आने वाला पहला शिक्षा मंत्री था। तब छतें टपक रही थीं और बच्चों का भविष्य धुंधला दिख रहा था। बुनियादी ढांचे के साथ-साथ यहाँ ग्रामीणों का विश्वास बहाल करना सबसे बड़ी चुनौती थी।”
मॉडल स्कूल में तब्दीली और बेहतर नतीजे संकल्प से सिद्धि तक का सफर तय करते हुए, शिक्षा विभाग ने स्कूल की नई इमारत, आधुनिक क्लासरूम और वर्ल्ड-क्लास सुविधाएं तैयार की हैं। बैंस ने गर्व से बताया कि अब न केवल स्कूल की इमारत बदली है, बल्कि विद्यार्थियों के अकादमिक प्रदर्शन में भी शानदार सुधार हुआ है। आसपास के गांवों के लोग भी अब इस स्कूल को देखने और इसकी प्रशंसा करने के लिए मसौल आ रहे हैं।



