चंडीगढ़: हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार द्वारा पंजाब से आने-जाने वाले वाहनों पर प्रवेश कर (Entry Tax) बढ़ाने के फैसले ने पंजाब की सियासत में उबाल ला दिया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) पंजाब की कार्यसमिति के सदस्य अमित तनेजा ने इस निर्णय की कड़ी निंदा करते हुए इसे सीमावर्ती जिलों के हजारों परिवारों पर “आर्थिक बोझ” करार दिया है। तनेजा ने इस मुद्दे पर न केवल हिमाचल की कांग्रेस सरकार को घेरा, बल्कि पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार की चुप्पी पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
सीमावर्ती जिलों के हजारों परिवार होंगे प्रभावित
अमित तनेजा ने कहा कि टैक्स में यह बढ़ोतरी पठानकोट, होशियारपुर, आनंदपुर साहिब, रूपनगर (रोपड़), मोहाली और चंडीगढ़ के उन लोगों के लिए कमर तोड़ने वाली साबित होगी, जिनका रोजाना काम के सिलसिले में हिमाचल आना-जाना लगा रहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और ‘आप’ मिलकर पंजाब के हितों से समझौता कर रहे हैं।
“मुख्यमंत्री भगवंत मान की चुप्पी रहस्यमयी”
भाजपा नेता ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर सीधा निशाना साधते हुए कहा, “हर छोटे-बड़े मुद्दे पर सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर बयान देने वाले मुख्यमंत्री इस गंभीर विषय पर मौन क्यों हैं? क्या पंजाब सरकार हिमाचल की कांग्रेस सरकार के इस जनविरोधी निर्णय से सहमत है?” तनेजा ने पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा से भी पूछा कि क्या उनकी पार्टी की राजनीति पंजाब के लोगों के हितों से ऊपर है।
भाजपा ने की टैक्स वापसी की मांग
अमित तनेजा ने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी पंजाब के साथ हो रहे इस “अन्याय” को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने हिमाचल सरकार से मांग की है कि इस भेदभावपूर्ण टैक्स को तुरंत वापस लिया जाए। साथ ही, उन्होंने पंजाब सरकार को चेतावनी दी कि वह अपनी चुप्पी तोड़े और पंजाबियों के अधिकारों की मजबूती से रक्षा करे।

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