बिलासपुर.
जिले के स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था और शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। संयुक्त संचालक शिक्षा अश्विनी भारद्वाज ने बिल्हा, चकरभाठा, हरदी और हिर्री क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण किया।
इस दौरान कई स्कूलों में शिक्षकों की अनुपस्थिति, निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार अध्यापन नहीं होने और मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता में खामियां सामने आईं। निरीक्षण के दौरान चकरभाठा कन्या स्कूल में प्राचार्य समेत कई शिक्षकों की अनुपस्थिति मिली। स्कूल में कुल 17 व्याख्याताओं में से केवल 4 ने निर्धारित कालखंड में अध्यापन कराया। निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार कक्षाएं नहीं लेने पर संयुक्त संचालक ने प्राचार्य से स्पष्टीकरण मांगा है।
आत्मानंद स्कूल में भी कार्रवाई के निर्देश
बिल्हा स्थित आत्मानंद स्कूल के निरीक्षण के दौरान संकुल समन्वयक द्वारा नियमित रूप से अध्यापन नहीं किए जाने की बात सामने आई। इस पर संयुक्त संचालक ने संबंधित के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए और स्कूल की शिक्षण व्यवस्था में सुधार करने को कहा। हरदी प्राथमिक शाला में मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं मिली। इस पर भोजन तैयार करने वाले समूह और प्रधान पाठक को चेतावनी दी गई। साथ ही भोजन की गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
संलग्नीकरण को लेकर भी जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान स्कूलों में कर्मचारियों के संलग्नीकरण को लेकर भी संयुक्त संचालक ने नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूलों में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाए और शिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए। संयुक्त संचालक ने स्पष्ट किया कि स्कूलों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति, समय-सारिणी के अनुसार अध्यापन और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

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