
चंडीगढ़: “यदि आप किसी व्यक्ति से उस भाषा में बात करते हैं जिसे वह समझता है, तो शब्द उसके दिमाग में जाते हैं, लेकिन यदि आप उसकी मातृभाषा में बात करते हैं, तो वे उसके दिल तक पहुंचते हैं।” नेल्सन मंडेला के इन कालजयी शब्दों को आधार बनाकर पंजाब के मुख्य सूचना आयुक्त इंद्रपाल सिंह धन्ना ने आज एक विशेष साहित्यिक ब्रोशर जारी किया। अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस-2026 के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य पंजाबी भाषा की गौरवशाली विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाना है।
युवाओं की आवाज़ और बहुभाषी शिक्षा
पंजाब सूचना आयोग मुख्यालय में आयोजित एक गरिमामय समारोह के दौरान राज्य सूचना आयुक्त हरप्रीत संधू द्वारा लिखित यह पिक्टोरियल (चित्रमय) ब्रोशर जारी किया गया। इस वर्ष की थीम ‘‘बहुभाषी शिक्षा पर युवाओं की आवाज’’ को केंद्र में रखते हुए, यह ब्रोशर समाज में पंजाबी भाषा की शान को बहाल करने और युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर देता है।
जड़ों से जुड़ने का आह्वान
कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य सचिव डी.के. तिवारी और अन्य राज्य सूचना आयुक्तों की उपस्थिति में इस बात पर चर्चा हुई कि मातृभाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान की आत्मा है। हरप्रीत संधू ने बताया कि यह ब्रोशर नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, इतिहास और रीति-रिवाजों के प्रति जागरूक करने का एक सार्थक प्रयास है।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख व्यक्तित्व:
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इंद्रपाल सिंह धन्ना: मुख्य सूचना आयुक्त, पंजाब।
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हरप्रीत संधू: राज्य सूचना आयुक्त (लेखक)।
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डी.के. तिवारी (IAS): अतिरिक्त मुख्य सचिव, पंजाब सरकार।
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संदीप सिंह धालीवाल, पूजा गुप्ता व अन्य: राज्य सूचना आयुक्त।
विरासत का सम्मान और संरक्षण
सूचना आयुक्तों ने सामूहिक रूप से विचार साझा किए कि अपनी मातृभाषा को संभालना न केवल विरासत का सम्मान है, बल्कि यह मानवता की विविधता और एकता में भी योगदान देता है। सुशासन एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डी.के. तिवारी ने इस पहल की प्रशंसा करते हुए इसे पंजाबी भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए एक मील का पत्थर बताया।



