एनर्जी सप्लाई में जापान की बड़ी भूमिका, एशिया को मिल रही LNG राहत

नई दिल्ली
 भारत का एशिया में एक बेहद शानदार दोस्त है-जापान। यह दोस्त भारत को कभी भी तकलीफ में नहीं डालता है और मुश्किल वक्त में भारत के साथ खड़ा नजर आया। यहां तक कि जब रूस-यूक्रेन युद्ध हो या हालिया अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते तेल और गैस की सप्लाई पर संकट आया तो भी जापान आगे बढ़कर भारत की मदद के लिए आया। खास तौर पर लिक्विफा इड नेचुरल गैस (LNG) की सप्लाई भारत को कम नहीं होने दी। बीते 28 फरवरी से होर्मुज स्ट्रेट के जरिये खाड़ी देशों से होने वाली तेल और गैस की सप्लाई तकरीबन ठप सी हो गई है। ऐसे में जापान जैसे सच्चे दोस्तों ने उम्मीद बढ़ा दी है।

अमेरिका से LNG लाकर भर-भरकर भारत को बेचा

जापान ने खुद से ज्यादा दूसरों के लिए खरीदी एलएनजी
    एनालिसिस से पता चलता है कि 2021 से जापान ने घरेलू इस्तेमाल के लिए आयात की गई मात्रा की तुलना में विदेशी बाजारों में ज्यादा अमेरिकी LNG बेची।
    'डेटा डेस्क' के अनुसार, 2021 और 2025 के बीच, जापान की अमेरिकी LNG की विदेशी बिक्री उसके घरेलू LNG आयात से 77 प्रतिशत ज्यादा थी।

LNG बाजार के विस्तार में जापान की अहम भूमिका
    जापान में LNG ट्रेडिंग में बढ़ोतरी और US LNG निर्यात का विस्तार एक साथ हुआ। 2023 में US दुनिया का सबसे बड़ा LNG निर्यातक बन गया और 2025 तक इस स्थिति को बनाए रखा।
    2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नए LNG निर्यात प्रोजेक्ट्स की मंजूरी पर लगी पिछली रोक हटा दी और जापान व दक्षिण कोरिया जैसे बाजारों में आपूर्ति के उद्देश्य से 44 बिलियन डॉलर के अलास्का LNG प्रोजेक्ट को बढ़ावा दिया।

जापान तेजी से खरीद रहा है एलएनजी
    मई 2026 तक, US सरकार ने लुइसियाना और टेक्सास में पांच नए LNG टर्मिनलों और एक मौजूदा टर्मिनल से निर्यात को मंजूरी या दोबारा मंजूरी दे दी थी।
    साथ ही, जापान ने लंबे समय के लिए LNG की खरीद भी बढ़ाई है। जून 2025 में, घरेलू मांग में गिरावट के बावजूद 'एनर्जी फॉर ए न्यू एरा' (Energy for a New Era) ने US LNG आपूर्तिकर्ताओं के साथ कई 20-वर्षीय समझौते किए। मार्च 2026 में कई वर्षों के अतिरिक्त आपूर्ति अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए गए।

जापान से सबसे ज्यादा खरीद रहे द. कोरिया, चीन और भारत

63.5 बिलियन किलो CO2 का उत्सर्जन

किस चीज से कितना उत्सर्जन हुआ

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