‘एक साल दिल्ली बेहाल, याद आ रहे केजरीवाल’: मनीष सिसोदिया ने जारी किया भाजपा सरकार का ‘फर्जीवाड़ा’ रिपोर्ट कार्ड
मनीष सिसोदिया ने भाजपा सरकार के एक साल पूरे होने पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने महिलाओं की पेंशन, प्रदूषण, बेरोजगारी और झुग्गी तोड़ो अभियान को लेकर रेखा गुप्ता सरकार पर हमला बोला।

नई दिल्ली: दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की सरकार का एक साल पूरा होने पर आम आदमी पार्टी (आप) ने जोरदार हमला बोला है। शुक्रवार को दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के एक साल के कार्यकाल को ‘फर्जीवाड़े का साल’ करार दिया। ‘आप’ ने नारा दिया— “एक साल, दिल्ली बेहाल, याद आ रहे केजरीवाल” और एक पोस्टर के जरिए भाजपा सरकार की विफलताओं का कच्चा चिट्ठा खोला।
मोदी की ‘गारंटी’ और महिलाओं के साथ धोखा
मनीष सिसोदिया ने कहा कि भाजपा सरकार का सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा दिल्ली की महिलाओं के साथ हुआ है। उन्होंने याद दिलाया कि पीएम मोदी ने चुनाव से पहले गारंटी दी थी कि 8 मार्च 2025 से हर महिला के खाते में 2,500 रुपये आएंगे। सिसोदिया ने तंज कसते हुए कहा, “8 मार्च तो छोड़िए, पूरा साल बीत गया, लेकिन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मुंह से इस पर एक शब्द नहीं निकला। मोदी जी की गारंटी अब महिलाओं के लिए सबसे बड़ा धोखा बन गई है।”

‘जहरीली हवा’ और डेटा का फर्जीवाड़ा
प्रदूषण के मुद्दे पर हमला बोलते हुए सिसोदिया ने आरोप लगाया कि जब दिल्ली इतिहास के सबसे खराब AQI (एक्यूआई) से जूझ रही थी, तब रेखा गुप्ता सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। उन्होंने गंभीर आरोप लगाया कि सरकार ने प्रदूषण के आंकड़ों को छिपाने के लिए निगरानी केंद्रों के डेटा में फर्जीवाड़ा किया और कई केंद्रों को जानबूझकर हरे-भरे इलाकों में शिफ्ट कर दिया।
मिडिल क्लास और युवाओं पर ‘छुरी’
सिसोदिया ने कहा कि भाजपा ने खुद को मध्यम वर्ग की पार्टी बताने के बावजूद उनके साथ सबसे बड़ा विश्वासघात किया:
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निजी स्कूलों की मनमानी: भाजपा के आते ही प्राइवेट स्कूलों ने 30% से 80% तक फीस बढ़ा दी। बच्चों को कमरों में कैद किया गया और एडमिट कार्ड रोके गए।
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बेरोजगारी का रिकॉर्ड: एक साल में 1 लाख से ज्यादा युवाओं को सरकारी विभागों से निकाल दिया गया। बस मार्शल, मोहल्ला क्लीनिक के डॉक्टर, नर्स और डीटीसी के कर्मचारी आज बेरोजगार होकर घर बैठे हैं।
शिक्षा और स्वास्थ्य मॉडल को किया बर्बाद
सिसोदिया ने आरोप लगाया कि ‘शिक्षा क्रांति’ को रोकने के लिए भाजपा ने सरकारी स्कूलों का बजट कम कर दिया। ‘स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस’ का नाम बदलकर ‘सीएम श्री’ कर दिया गया और आईआईटी-नीट की फ्री कोचिंग व शिक्षकों की अंतरराष्ट्रीय ट्रेनिंग बंद कर दी गई। वहीं, अस्पतालों में मुफ्त दवाइयां और टेस्ट बंद होने से गरीबों के लिए इलाज अब पहुंच से बाहर हो गया है।
“जहां झुग्गी, वहां मैदान”
चुनाव से पहले “जहां झुग्गी वहीं मकान” का वादा करने वाली भाजपा पर आरोप लगाते हुए सिसोदिया ने कहा कि सरकार बनते ही “जहां झुग्गी वहां मैदान” अभियान शुरू हो गया। हजारों गरीबों की झुग्गियां तोड़ दी गईं और लाखों लोगों को बेघर कर दिया गया। नकली यमुना बनाने से लेकर टूटी सड़कों और बंद पड़ी पेंशन तक, सिसोदिया ने हर मोर्चे पर रेखा गुप्ता सरकार को ‘फेल’ बताया।



