लखनऊ: केजीएमयू से इस साल एमडीएस पास करने वाले छात्र की एक छोटी सी गलती से पूरे प्रदेश की एमडीएस की काउंसलिंग रद कर दोबारा से करानी पड़ी। दरअसल शासकीय सेवा बॉन्ड के तहत सरकारी सीट से पीजी करने वालों को दो साल सरकारी संस्थान में सेवा करनी होती है। इसके लिए जिस रैंक पर दाखिला मिलता है उसी रैंक के आधार पर काउंसलिंग में कॉलेज या संस्थान आवंटित किया जाता है। इसमें एक छात्र की ओर ने ऑल इंडिया रैंक 175 की जगह 170 भर दी। काउंसलिंग में सभी को सीट आवंटित हो गई। जब मामला खुला तो ऊंची रैंक वाले अभ्यर्थियों का आवंटन ही गलत हो गया ऐसे में पूरी काउंसलिंग दोबारा से करानी पड़ी।
एमडीएस के लिए 26 सितंबर को काउंसलिंग आयोजित की गई थी। इसमें प्रदेश के अन्य कॉलेजों से एमडीएस पासआउट छात्रों को उनकी रैंक के मुताबिक कॉलेज आवंटित किया गया था। इसमें केजीएमयू के पीरियोडॉन्टॉलजी विभाग के सीनियर रेजिडेंट ने रैंक गलत भर दी थी। चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक किंजल सिंह ने बताया कि इस मामले की जांच की गई थी। इसमें छात्र ने स्वीकारा गलती से रैंक 170 रैंक भर दी थी। अब छात्र की गलती के कारण बाकी छात्रों की रैंक प्रभावित हो रही थी इसलिए काउंसलिंग निरस्त करनी पड़ा और दोबारा काउंसलिंग आयोजित कर सभी छात्रों को कॉलेज आवंटित कर दिया गया है।
गाइनी की मेरिट लिस्ट भी बन रही दोबारा
महानिदेशक ने बताया कि नीट पीजी की काउंसलिंग की मेरिट लिस्ट को दोबारा तैयार किया जा रहा है। इसमें प्रतापगढ़ के एक कॉलेज ने गाइनी की सीट पर पहले ही दाखिला ले लिया था लेकिन उसे अपडेट नहीं किया। बाद में काउंसलिंग में दोबारा सीट आवंटित हो गई इसके चलते दोबार मेरिट लिस्ट जारी की जा रही है।

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