जयपुर
राजस्थान सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के समापन को देखते हुए राज्य के सभी विभागों में अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश व प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर अस्थायी रोक लगा दी है।मुख्य सचिव वी श्री निवास की ओर से जारी आदेश के अनुसार 31 मार्च 2026 तक राज्य के समस्त शासकीय विभागों, कार्यालयों और अधीनस्थ संस्थानों में अवकाश या प्रशिक्षण कार्यक्रम स्वीकृत नहीं किए जाएंगे। यह निर्णय कार्यालयी कार्यों के समयबद्ध और सुचारु निपटान को सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।
आदेश में कहा गया है कि केवल अत्यावश्यक या आपातकालीन परिस्थितियों में ही अवकाश की अनुमति दी जाएगी। जिन अधिकारियों या कर्मचारियों को पहले से अवकाश स्वीकृत है, उन्हें भी आवश्यकता होने पर ही उसका उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार ने सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा है, ताकि वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले लंबित कार्यों का समय पर निस्तारण किया जा सके।
राजस्थान के सरकारी विश्राम गृहों की दरें बढ़ीं
सरकार ने अपने विश्राम गृहों को आधुनिक सुविधाओं और लक्जरी लुक देने के बाद अब वहां ठहरने की दरों में भी बड़ा इजाफा कर दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए नई श्रेणियां निर्धारित की हैं और कई पुरानी दरों को संशोधित किया है। नई व्यवस्था के तहत राजस्थान के सरकारी विश्राम गृहों और दिल्ली स्थित राजस्थान हाउस में निजी रूप से ठहरने के लिए अब लोगों को पहले से ज्यादा भुगतान करना होगा। विभाग ने डी श्रेणी के विश्राम गृहों सहित विभिन्न श्रेणियों में कमरों की दरों में वृद्धि की है। दर बढ़ोतरी के तहत अलग-अलग श्रेणियों में 800 रुपये से लेकर 4500 रुपये तक का इजाफा किया गया है। इसमें 800, 1300, 1400, 2300, 2700, 2800, 3300, 3700 और 4500 रुपये तक की वृद्धि शामिल है। सरकार का कहना है कि विश्राम गृहों में बेहतर सुविधाएं और उन्नत व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने के मद्देनजर यह संशोधन किया गया है।

मुख्यमंत्री साय सेंध लेक में भारतीय वायु सेना की सारंग एयरोबेटिक डिस्प्ले टीम की फुल ड्रेस रिहर्सल में हुए शामिल
गोंडा की मनकापुर-गौरा में लोकार्पण व शिलान्यास करेंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री साय ने 45 हजार बच्चों की सफल शल्य चिकित्सा की ऐतिहासिक उपलब्धि पर चिकित्सकों और अस्पताल की पूरी टीम को दी बधाई
इस साल 60 लाख क्विंटल धान का उपार्जन कर बालाघाट रहा राज्य में अव्वल