भगवंत सिंह मान ने मालवा क्षेत्र के किसानों को बड़ी सौगात देते हुए फिरोजपुर फीडर नहर के नवीनीकरण (री-लाइनिंग) के पहले चरण का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना पंजाब के जल संसाधनों को बचाने और सिंचाई व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 180 करोड़ रुपये की लागत से पूरे किए गए इस चरण के बाद नहर की क्षमता 2,681 क्यूसेक बढ़कर 11,192 क्यूसेक से 13,873 क्यूसेक हो गई है। नहर की गहराई 18 फुट से बढ़ाकर 21 फुट और चौड़ाई 163 फुट से बढ़ाकर 180 फुट कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि यह नहर मालवा क्षेत्र की जीवन रेखा मानी जाती है और इससे फिरोजपुर, फरीदकोट, श्री मुक्तसर साहिब और फाजिल्का जिलों को सीधा लाभ मिलेगा। इस परियोजना से लगभग 6.45 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई का पानी उपलब्ध होगा। पहले चरण के तहत 35 दिनों में 15 किलोमीटर नहर की लाइनिंग पूरी की गई, जिसमें 126 सरकारी कर्मचारियों और करीब 4,000 श्रमिकों ने काम किया।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पहले पंजाब के खेतों तक केवल 21 प्रतिशत नहरी पानी पहुंचता था, जिसे वर्तमान सरकार ने बढ़ाकर 68 प्रतिशत कर दिया है। आगामी धान सीजन तक इसे 85 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि राज्य में 6,900 किलोमीटर लंबे 18,349 खालों को पुनर्जीवित किया गया है और 1,365 गांवों को पहली बार नहरी पानी मिला है।
पानी के मुद्दे पर अपना रुख दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के पास किसी अन्य राज्य को देने के लिए अतिरिक्त पानी नहीं है और राज्य के हित सर्वोपरि हैं। उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल सरकारों पर अन्य राज्यों के साथ जल समझौते कर पंजाब के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
अकाली दल पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जो पार्टी अपनी कमेटी के लिए 11 सदस्य नहीं जुटा पा रही, वह 117 सीटें जीतने का सपना देख रही है। उन्होंने ‘पंजाब बचाओ यात्रा’ को भी राजनीतिक नाटक करार दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने नहरी व्यवस्था को सुधारने पर 6,500 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। सीमावर्ती इलाकों के किसानों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास लगी बाड़ को सीमा रेखा के करीब स्थानांतरित करने को सैद्धांतिक मंजूरी दी है, जिससे हजारों एकड़ भूमि पर खेती आसान होगी।
सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए उन्होंने कहा कि 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली दी जा रही है और किसानों को दिन में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में 881 आम आदमी क्लीनिक खोले गए हैं तथा मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि 63,000 से अधिक युवाओं को बिना रिश्वत और सिफारिश के सरकारी नौकरियां दी गई हैं। नशे के खिलाफ कार्रवाई का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत बड़े तस्करों पर कार्रवाई की जा रही है और उनकी संपत्तियां जब्त की जा रही हैं। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री बरिंदर गोयल, सामाजिक सुरक्षा मंत्री डॉ. बलजीत कौर और कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां भी मौजूद थे।



