भोपाल
राजधानी के जवाहर चौक स्थित मध्य प्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल (हाउसिंग बोर्ड) के कार्यालय में मंगलवार को लोकायुक्त की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है।
टीम ने संपदा शाखा प्रक्षेत्र-एक में पदस्थ आउटसोर्स डाटा एंट्री ऑपरेटर ज्ञानेंद्र कुमार पटेल को 5,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपित ने एक सेवानिवृत्त कर्मचारी से उनके ईडब्ल्यूएस मकान की लीज नवीनीकरण के बदले 10 हजार रुपये की मांग की थी।
जानकारी के अनुसार, सुल्तानाबाद निवासी आवेदक दूधनाथ शुक्ला, जो उपभोक्ता संघ से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं, ने वर्ष 1993 में कोटरा सुल्तानाबाद स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में अपनी पत्नी के नाम से एक ईडब्ल्यूएस मकान लिया था। इस मकान की लीज के नवीनीकरण के लिए आरोपित ज्ञानेंद्र पटेल लगातार रिश्वत की मांग कर रहा था। परेशान होकर आवेदक ने इसकी शिकायत लोकायुक्त कार्यालय में की।
पुलिस महानिदेशक,याेगेश देशमुख विशेष पुलिस स्थापना ( लोकायुक्त संगठन) के निर्देश और उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज कुमार सिंह के मार्गदर्शन में शिकायत का सत्यापन कराया गया। शिकायत सही पाए जाने पर पुलिस अधीक्षक दुर्गेश राठौर के नेतृत्व में ट्रैप टीम का गठन किया गया।
मंगलवार को जैसे ही आरोपित ने पहली किश्त के रूप में 5,000 रुपये लिए, लोकायुक्त की टीम ने उसे उसके कार्यालय कक्ष में ही धर दबोचा। आरोपित के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधन) 2018 के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

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