पंजाबराज्य

पंजाब में CBI की बड़ी कार्रवाई, CM कैंप ऑफिस समेत 8 जगह छापेमारी; OSD को समन

चंडीगढ़ 
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पंजाब के CM के OSD राजबीर सिंह घुम्मन को समन जारी किया है। उन्हें आज ही चंडीगढ़ में CBI ऑफिस पेश होने के लिए कहा गया है। जिसमें उनसे इस मामले में ED की तरफ से लगाए कैश फॉर ट्रांसफर-पोस्टिंग और सरकारी टेंडर में दखल देने जैसे आरोप लगाए। 

बता दें कि मंगलवार शाम 5 बजे CBI ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के चंडीगढ़ स्थित कैंप ऑफिस में मंगलवार शाम 5 बजे छापा मारा। CBI की टीमों ने चंडीगढ़ के अलावा मोहाली, गुरदासपुर, लुधियाना, पटियाला, संगरूर और जालंधर में 8 जगहों पर जांच की। टीमों ने लैपटॉप और मोबाइल के साथ डॉक्यूमेंट जब्त किए हैं। ये रेड रात 11 बजे तक चली।

यह कार्रवाई पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद की गई। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सीएम आफिस में ट्रांसफर-पोस्टिंग और करप्शन के आरोप लगाए थे। ED ने सीएम के OSD राजबीर सिंह घुम्मन को मुख्य आरोपी बनाया था पर पुलिस ने उनके खिलाफ FIR नहीं दर्ज की।

मामला हाईकोर्ट पहुंचा और 5 अक्टूबर को हाईकोर्ट ने OSD के खिलाफ FIR दर्ज करने और CBI जांच का आदेश दिया। CBI ने राजबीर घुम्मन समेत 6 नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

CBI की कार्रवाई के दौरान संगरूर के गांव घरांचों में अकाली नेताओं ने टीम पर फूल बरसाए और ढोल बजाए। वहीं, पंजाब सरकार मामले में अर्जेंट सुनवाई के लिए मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी। जिस पर आज सुनवाई हो सकती है।

करप्शन का पूरा मामला…

    ED ने DGP को 3 चिट्ठियां भेजीं: जुलाई-अगस्त 2026 में ED ने पंजाब DGP गौरव यादव को 3 चिटि्ठयां भेजकर CM ऑफिस से जुड़े कथित भ्रष्टाचार पर FIR की मांग की। जिसमें ट्रांसफर-पोस्टिंग, नीतिगत फैसलों, टेंडर, CLU और अन्य सरकारी मंजूरियों में कथित दखल के आरोप लगे।
    CM के OSD का नाम सामने आया: ED के मुताबिक नितिन गोहल, राजबीर सिंह घुम्मन और अन्य लोगों की भूमिका सामने आई। एजेंसी ने गोहल को सरकारी काम कराने के इच्छुक लोगों और CM के OSD घुम्मन के बीच कथित बिचौलिया बताया।
    सबूत के तौर पर चैट का दावा: ED ने वॉट्सएप चैट और दूसरे डिजिटल सबूत मिलने का दावा किया। इनमें ट्रांसफर-पोस्टिंग, पॉलिसी फैसलों, टेंडर और सरकारी दस्तावेजों तक कथित पहुंच से जुड़ी बातचीत का जिक्र है।
    तलाशी में कैश और डिजिटल सामग्री: ED की जांच के दौरान नितिन गोहल समेत कुछ लोगों से जुड़े ठिकानों पर तलाशी में दस्तावेज और डिजिटल सामग्री मिलने की बात सामने आई। ED ने गोहल से 20.98 लाख रुपए नकद बरामद होने का भी दावा किया है।
    जमीन और रियल एस्टेट एंगल: मामला GMADA की जमीन, CLU, प्रॉपर्टी लेन-देन और रियल एस्टेट से जुड़े कथित अनियमितताओं की मनी लॉन्ड्रिंग जांच से निकला। ED ने सरकारी मंजूरियों और जमीन से जुड़े मामलों में कथित प्रभाव का आरोप लगाया।
    हाईकोर्ट ने CBI को सौंपी जांच: 5 अक्टूबर को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि ED की ओर से दी गई डिटेल्स अपराध की ओर इशारा करती है। कोर्ट ने CBI को FIR दर्ज कर जांच करने और दो महीने में स्टेटस रिपोर्ट देने का आदेश दिया।
    पंजाब सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची: हाईकोर्ट के CBI जांच के आदेश के अगले ही दिन, 6 अक्टूबर को पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में SLP दाखिल कर आदेश को चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट ने कल या परसों इसकी सुनवाई की बात कही।

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