रोहतक.
उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम ने मंगलवार को नया आदेश जारी करते हुए तबादला नीति में बड़ा बदलाव किया है। इस फैसले के तहत अब उत्तर हरियाणा और दक्षिण हरियाणा बिजली निगम के बीच कर्मचारियों का आपसी तबादला पूरी तरह रोक दिया गया है।
अब सामान्य परिस्थितियों में कोई भी कर्मचारी एक निगम से दूसरे निगम में नहीं जा सकेगा। जिन कर्मचारियों ने पहले से तबादले के लिए आवेदन किया हुआ है। उनके सभी लंबित आवेदन तुरंत प्रभाव से रद्द माने जाएंगे। अगर कोई कर्मचारी या अधिकारी नियम तोड़कर तबादला करवाने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
इन परिस्थितियों में छूट का प्रावधान
राष्ट्रीय आपदा, महामारी या किसी बड़ी आपात स्थिति में जरूरत पड़ने पर सीमित समय के लिए तबादला किया जा सकता है। इसके अलावा अदालत के आदेश या कर्मचारियों की आपसी सहमति से अस्थायी रूप से काम बदलने की अनुमति दी जा सकती है। यह नियम खास तौर पर तीसरे और चौथे वर्ग के कर्मचारियों पर लागू होगा। किसी भी विशेष मामले में छूट के लिए उच्च स्तरीय समिति की मंजूरी जरूरी होगी। सरकार का मानना है कि इस फैसले से कामकाज में पारदर्शिता आएगी और व्यवस्था मजबूत होगी।

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