छत्तीसगढ़राज्य

हादसों पर रोक की तैयारी, 3814 खतरनाक भवनों को गिराने की कवायद तेज

भिलाई नगर.

मानसून 15 जून से दस्तक देने वाला है और शहर के गरीबों के लिए 10-15 साल पहले बने 3814 आवास मौत का साया बन गए हैं। आईएचएसडीपी, वाम्बे, अटल व रैश्ने योजना के आवास अब जर्जर हो चुके हैं। कहीं सीढ़ी धंस गई, कहीं बालकनी – छज्जा टूट कर गिर रहे हैं, तो कहीं दीवारों से सरिए बाहर झांक रहे हैं।

आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय के निर्देश पर पीडब्ल्यूडी ने सर्वे किया। रिपोर्ट में कई मकानों को रहने लायक नहीं, खंडहर की स्थिति बताया है। इसके बाद निगम ने हितग्राहियों को अंतिम नोटिस जारी कर दिया है। पीएम आवास योजना के नोडल अधिकारी ने बताया कि इन जर्जर मकानों को तोड़कर जी प्लस 2 स्तर की बहुमंजिला बिल्डिंग बनाई जाएगी।

अभी जहां 12 परिवार रहते हैं, वहां नई बिल्डिंग में 18 से ज्यादा परिवार शिफ्ट हो सकेंगे। निगम अधिकारियों ने हितग्राहियों से पीएम आवास में शिफ्ट होने की अपील की है।

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