मेगा पीटीएम में शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने की समीक्षा
पंजाब की शिक्षा तेजी से बदल रही है। सरकारी स्कूलों में अब नवीनतम उपकरणों के अलावा विद्यार्थियों और अभिभावकों को शिक्षा व्यवस्था में सक्रिय भागीदारी का अवसर मिल रहा है। पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने मोहाली के स्कूल ऑफ एमिनेंस (फेज-11) में अभिभावक-शिक्षक बैठक में इस सत्र की अंतिम मेगा पीटीएम (Mega Paytm) की समीक्षा की। इस दौरान, उन्होंने पंजाब सरकार की शिक्षा नीति और सुधारों पर चर्चा की और अभिभावकों और विद्यार्थियों की उम्मीदों को जाना।
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि राज्य में 42 एमिनेंस स्कूल और 425 हैप्पीनेस स्कूल तैयार हो चुके हैं। इसके अलावा, चार दर्जन कौशल प्रशिक्षण स्कूल भी शुरू किए गए हैं, जिससे विद्यार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा का अवसर मिलेगा। उन्हें बताया गया कि पिछले तीन वर्षों में 99% स्कूल चारदीवारी से घिर चुके हैं, जिससे अब कोई बच्चा जमीन पर नहीं बैठता। स्कूलों में वाई-फाई, सीसीटीवी कैमरे, स्वच्छ पेयजल और शौचालय हैं।
परीक्षा में सफलता
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने राज्य के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की उपलब्धियों पर चर्चा करते हुए कहा कि राज्य के 189 विद्यार्थियों ने पहली बार जेईई मेन्स परीक्षा उत्तीर्ण की है, जो आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश के लिए आवश्यक है। इसके अलावा, 1.5 लाख लोगों ने स्कूल ऑफ एमिनेंस में 15,000 सीटों के लिए आवेदन किया है, जो सरकारी स्कूलों में बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
फ्री पुस्तकें और उपकरण
मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि बच्चों को अब किताबों और यूनिफॉर्म की चिंता नहीं करनी चाहिए। अगले सप्ताह शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र के पहले दिन मुफ्त पुस्तकें दी जाएंगी। पुस्तकों की छपाई में इस बार 27% की बचत हुई है, जिससे लगभग 21 करोड़ रुपये का लाभ हुआ है, उन्होंने कहा। सरकारी विद्यालयों में सुविधाओं का विस्तार के लिए किया जाएगा।
शिक्षकों को विदेश में प्रशिक्षण
पंजाब सरकार ने शिक्षकों को प्रशिक्षित करने पर भी विशेष ध्यान दिया है। सिंगापुर, फिनलैंड और आईआईएम अहमदाबाद में अब तक 525 से अधिक शिक्षक विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। इसके अलावा, राज्य में 20,000 नए शिक्षक मिलने से सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है।
सरकारी शिक्षण संस्थाओं की बदलती छवि
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि सरकारी स्कूलों के बारे में पहले सिर्फ बुरी बातें सुनने को मिलती थीं, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। सरकारी स्कूल न केवल पढ़ाई कर रहे हैं, बल्कि खेलों और विद्यार्थियों का व्यक्तित्व विकास भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दो वर्षों में शिक्षा में सुधार के लिए और अधिक प्रयास किए जाएंगे, जिससे सरकारी स्कूलों को नए स्तर मिलेंगे।
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