नंगल.
काम के सिलसिले में विदेश गए नंगल के पास पत्ती लोअर गांव के युवक गुरप्रीत सिंह उर्फ बब्बी को सऊदी अरब में कथित नशीले पदार्थ के मामले में मौत की सजा सुनाई गई है। इस सूचना के बाद परिवार में मातम का माहौल है।
परिवार ने केंद्र और पंजाब सरकार से मामले में हस्तक्षेप कर गुरप्रीत की सजा कम करवाने और उसकी वतन वापसी के लिए प्रयास करने की अपील की है। परिवार के अनुसार, गुरप्रीत सिंह को मिली मृत्युदंड की जानकारी नंगल के तहसीलदार के माध्यम से परिवार को दी गई। इससे पहले 24 सितंबर को रूपनगर के उपायुक्त को मस्कट स्थित भारतीय दूतावास की ओर से इस संबंध में पत्र प्राप्त हुआ था। पत्र के माध्यम से गुरप्रीत को सुनाई गई मौत की सजा की जानकारी अधिकारियों तक पहुंचाई गई। दिवंगत जरनैल सिंह का बेटा गुरप्रीत करीब चार वर्ष पहले काम के सिलसिले में मस्कट गया था। उसकी मां जसवंत कौर ने बताया कि गुरप्रीत उनका इकलौता बेटा है। बेटे को मौत की सजा मिलने की जानकारी से परिवार बेहद परेशान है।
ट्रक चलाने का करता था काम
परिवार और ग्रामीणों के अनुसार, गुरप्रीत सिंह ट्रक चालक के तौर पर काम करता था। काम के सिलसिले में उसका मस्कट से सऊदी अरब आना-जाना रहता था। परिवार का कहना है कि करीब दो वर्ष पहले उसके ट्रक से कथित तौर पर नशीले पदार्थ बरामद हुए थे। इसके बाद उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया। परिवार के अनुसार, गुरप्रीत करीब दो वर्ष तक जेल में रहा। इसके बाद उसे मौत की सजा सुनाई गई। हालांकि परिवार का दावा है कि गुरप्रीत निर्दोष है और उसे इस मामले में फंसाया गया है। परिवार अब सरकारी स्तर पर हस्तक्षेप की उम्मीद कर रहा है।
मां बोली, इकलौते बेटे को बचाएं
गुरप्रीत की मां जसवंत कौर ने कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस से संपर्क किया है। उन्होंने इस मुलाकात में मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से भी अपील की है कि उनके बेटे को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं। जसवंत कौर का कहना है कि उनका बेटा परिवार का इकलौता सहारा है। उन्होंने सरकार से सऊदी अरब के अधिकारियों के साथ राजनयिक स्तर पर मामला उठाने और गुरप्रीत की सजा कम करवाने की दिशा में प्रयास करने की मांग की है।
सरपंच ने भी सरकार से लगाई गुहार
गांव की सरपंच मोनिका देवी ने कहा कि गुरप्रीत को मौत की सजा मिलने की जानकारी से गांव के लोग भी दुखी हैं। उन्होंने सरकार और संबंधित अधिकारियों से अपील की कि मामले को गंभीरता से लेते हुए राजनयिक माध्यमों से सऊदी अरब के अधिकारियों के समक्ष उठाया जाए। परिवार को अब केंद्र और पंजाब सरकार से राहत की उम्मीद है। गुरप्रीत की मां और ग्रामीण चाहते हैं कि मामले में कानूनी और राजनयिक स्तर पर आवश्यक मदद उपलब्ध कराई जाए, ताकि सजा के खिलाफ उपलब्ध विकल्पों पर कार्रवाई हो सके।
मंत्री हरजोत बैंस उठाएंगे मर्सी पटीशन की मांग
इस मामले में पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने भी पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। मंत्री बैंस ने बताया कि वे गुरप्रीत सिंह की सजा माफ कराने (मर्सी पिटीशन) की याचिका को तुरंत भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के समक्ष रखेंगे, ताकि इसे कूटनीतिक स्तर पर सऊदी अरब सरकार के सामने उठाया जा सके। उन्होंने कहा कि युवक की सुरक्षित वतन वापसी और उसके परिवार की सहायता के लिए वे अपने स्तर पर हर संभव प्रयास करेंगे।

परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने भानुप्रतापपुर-कोरर और भानुप्रतापपुर-अंतागढ़ मार्ग पर बसों को दिखाई हरी झंडी
पारंपरिक वैद्यों का ज्ञान अमूल्य विरासत, आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षण जरूरी : वन मंत्री केदार कश्यप
लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक रहें युवा : राज्य मंत्री गौर
MP के शिवपुरी में परमाणु बिजलीघर की तैयारी, जमीनों की कीमतों में उछाल